नागपुर हवाई अड्डे का पीपीपी मॉडल पर होगा विकास
--जमीन लीज अवधि को बढ़ाने की मिली स्वीकृति --चरणबद्ध तरीके से हवाई अड्डे का होगा

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। केंद्र सरकार ने नागपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विकास और आधुनिकीकरण से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत एयरपोर्ट का विकास कराए जाने का फैसला लिया गया।
कैबिनेट की मंजूरी
कैबिनेट द्वारा स्वीकृत प्रस्ताव के तहत भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) की जमीन लीज अवधि को छह अगस्त 2039 के बाद भी बढ़ाने की स्वीकृति दी गई है, जिसे मिहान इंडिया लिमिटेड को पट्टे पर दिया गया था। अब पीपीपी मॉडल के तहत जीएमआर नागपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (जीएनआईएएल) को नागपुर हवाई अड्डे की व्यावसायिक संचालन तिथि से अगले 30 वर्षों तक करने का रास्ता साफ हो गया है।
यात्रियों की संख्या
तीन करोड़ यात्रियों को संभालने में होगा सक्षम
कैबिनेट में लिए गए फैसले की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नागपुर एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ाने की भी योजना है। प्रस्तावित विकास के बाद नागपुर हवाई अड्डा हर साल करीब 3 करोड़ यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा। इसके साथ ही, कार्गो सेवाओं और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। अब चरणबद्ध तरीके से नागपुर एयरपोर्ट का विकास किया जाएगा। इसके बाद विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस आधुनिक हवाई अड्डा बनकर तैयार होगा।
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