कैबिनेट फैसले: कच्चे जूट का एमएसपी 275 रुपये बढ़ाया गया
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने कच्चे जूट के लिए 2026-27 में 5,925 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य को मंजूरी दी। यह पिछले सत्र के एमएसपी से 275 रुपये अधिक है। इस निर्णय से पश्चिम बंगाल और असम के जूट किसानों को लाभ होगा।

नई दिल्ली, एजेंसी। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने मंगलवार को विपणन सत्र 2026-27 में कच्चे जूट के लिए 5,925 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को मंजूरी दे दी। यह पिछले सत्र के एमएसपी से 275 रुपये अधिक है। सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संवाददाताओं को बताया कि इस फैसले से खासकर पश्चिम बंगाल और असम में जूट उगाने वालों को फायदा होगा। भारत दुनिया में कच्चे जूट के सबसे बड़े उत्पादकों में से एक है। एक सरकारी बयान में कहा गया है कि टीडी-3 ग्रेड के कच्चे जूट के लिए तय किया गया एमएसपी, किसानों को उत्पादन की अखिल-भारतीय भारित औसत लागत पर 61.8 प्रतिशत का लाभ देगा।
यह फैसला सरकार के इस सिद्धांत के मुताबिक है, जिसके तहत एमएसपी को उत्पादन के अखिल-भारतीय भारित औसत लागत के कम से कम 1.5 गुना तय किया जाता है, जैसा कि केंद्रीय बजट 2018-19 में कहा गया था। बयान में कहा गया है कि वर्ष 2014-15 से, कच्चे जूट का एमएसपी 2,400 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर वर्ष 2026-27 में 5,925 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो 3,525 रुपये प्रति क्विंटल या 2.5 गुना ज्यादा है। वर्ष 2014-15 से वर्ष 2025-26 के बीच जूट उगाने वाले किसानों को दी गई एमएसपी रकम 1,342 करोड़ रुपये थी, जबकि वर्ष 2004-05 से वर्ष 2013-14 के दौरान 441 करोड़ रुपये दिए गए थे। भारतीय जूट निगम (जेसीआई) मूल्य समर्थन परिचालन करने के लिए केंद्र सरकार की नोडल एजेंसी बना रहेगा। इसमें कहा गया है कि ऐसे परिचालन में होने वाले किसी भी नुकसान की पूरी भरपाई केंद्र सरकार करेगी। --- जीआईएफटी सिटी से शाहपुर तक उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर के विस्तार को स्वीकृति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जीआईएफटी सिटी से शाहपुर तक गुजरात मेट्रो रेल निगम लिमिटेड (जीएमआरसी) के कॉरिडोर के विस्तार को भी स्वीकृति दी है। यह कॉरिडोर 3.33 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें तीन एलिवेटेड स्टेशन होंगे। यह परियोजना लगभग चार वर्षों में पूरी होने वाली है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 1,067.35 करोड़ रुपये है। इस विस्तारित कॉरिडोर से वर्ष 2029 में लगभग 23,702 यात्रियों और 2041 में लगभग 58,059 यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। यह कॉरिडोर अहमदाबाद और जीआईएफटी क्षेत्र के बीच संपर्क को मजबूत करेगा। प्रस्तावित मार्ग पर स्थित प्रमुख बहुराष्ट्रीय कंपनियों, शैक्षणिक संस्थानों और वाणिज्यिक केंद्रों को इससे सीधे लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त, यह विस्तार अहमदाबाद और जीआईएफटी क्षेत्र के बीच यात्रा करने वाले दैनिक यात्रियों के लिए व्यापार, रोजगार और शिक्षा से संबंधित यात्रा आवश्यकताओं को पूरा करने में लाभकारी होगा जिससे नेटवर्क एकीकरण और यात्री सुविधा में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इस परियोजना के निर्माण क्षेत्र में लगभग 1,000 रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। इस परियोजना का कार्यान्वयन गुजरात मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (जीएमसी) की ओर से किया जाएगा। -- प्रधानमंत्री का बयान :::: हम अपने जूट उगाने वाले किसान भाई-बहनों की जिंदगी आसान बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। कच्चे जूट का एमएसपी बढ़ाने के फैसले से न सिर्फ ज्यादा उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि देशभर में इस क्षेत्र से जुड़े किसानों की आय भी बढ़ेगी। जीआईएफटी सिटी से शाहपुर तक उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर को बढ़ाने के कैबिनेट के फैसले से अहमदाबाद और जीआईएफटी सिटी के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और ईज ऑफ लिविंग और बढ़ेगा। - नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
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