अमेरिका के बाद भारत में गूगल का सबसे बड़ा एआई सेंटर
गूगल अगले पांच वर्षों में आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में कृत्रिम मेधा (एआई) केंद्र की स्थापना पर 15 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करेगा। यह केंद्र अमेरिका के बाहर गूगल का सबसे बड़ा होगा और इसमें एक...

नई दिल्ली, एजेंसी। अमेरिकी टेक कंपनी गूगल अगले पांच वर्ष में आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में कृत्रिम मेधा (एआई) केंद्र की स्थापना पर 15 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करेगी। यह एआई केंद्र अमेरिका के बाहर गूगल का सबसे बड़ा केंद्र होगा। मंगलवार को दिल्ली में गूगल द्वारा आयोजित कार्यक्रम 'भारत एआई शक्ति' के दौरान कंपनी ने ये घोषणा की। गूगल ने कहा कि इस एआई केंद्र में एक गीगावाट का डाटा सेंटर परिसर और बड़े पैमाने के ऊर्जा स्रोत एवं विस्तारित फाइबर-ऑप्टिक नेटवर्क शामिल होगा। डाटा सेंटर सबसी केबल लिंक से सिंगापुर, मलेशिया, ऑस्ट्रेलिया समेत दुनिया के 12 देशों से जुड़ा होगा।
डाटा सेंटर स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और उद्योग समेत अन्य क्षेत्रों को सहयोग करेगा। अदाणी समूह के साथ साझेदारी में देश का सबसे बड़ा डाटा सेंटर भी शामिल होगा। गूगल क्लाउड के सीईओ थॉमस कुरियन ने कहा कि हम जिस परियोजना में निवेश करने जा रहे हैं वो अमेरिका के बाहर सबसे बड़ा केंद्र होगा। गूगल एआई युग में भारत की विशाल क्षमता को उजागर करने के लिए एआई केंद्र में निवेश कर रहा जो विकास को गति देने का आधार होगा। ये व्यवसायों, शोधकर्ताओं एवं रचनाकारों को एआई के साथ निर्माण एवं विस्तार के क्षेत्र में मजबूत बनाएगा। आंध्र प्रदेश के आईटी मंत्री नारा लोकेश ने कहा, डाटा नया ‘तेल' है और डेटा सेंटर नई ‘रिफाइनरी'। विकास को मिलेगी गति गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विशाखापत्तनम में पहले गूगल एआई केंद्र के लिए अपनी योजनाओं को साझा किया जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। पिचाई ने कहा कि यह केंद्र गीगावाट स्तरीय कंप्यूटिंग क्षमता, एक नया अंतरराष्ट्रीय सब-सी गेटवे और विशाल ऊर्जा अवसंरचना को एक साथ लाता है। इससे उद्योग-अग्रणी प्रौद्योगिकी को भारत के उद्यमों एवं उपयोगकर्ताओं तक पहुंचाएंगे जिससे एआई के इस्तेमाल में तेजी आएगी और देश भर में विकास को गति मिलेगी। डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, देश में गूगल एआई केंद्र की स्थापना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम है। एक्स पर पोस्ट में उन्होंने कहा कि विशाखापत्तनम में गूगल एआई केंद्र की स्थापना को लेकर काफी खुश हूं। बहुआयामी निवेश जिसमें डेटा सेंटर अवसंरचना शामिल है। यह सरकार के 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण के अनुरूप है। प्रधानमंत्री ने गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सभी के लिए एआई सुनिश्चित करेगा, नागरिकों को अत्याधुनिक उपकरण प्रदान करेगा, हमारी डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और वैश्विक प्रौद्योगिकी के अगुवा के रूप में भारत का स्थान सुरक्षित करेगा। एआई मिशन का हिस्सा केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, यह डेटा सेंटर, एआई मिशन का हिस्सा होगा। यह एआई के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा जो यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है कि हमारे युवाओं को आवश्यक सुविधाएं मिलें। साथ ही स्टार्टअप को उनके उत्पादों एवं सेवाओं के लिए जरूरी सुविधाएं मिलें। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में 2014 से कई नीतिगत प्रणालियां शासन का हिस्सा रही हैं। यह भारतीय इतिहास के उन चुनिंदा चरणों में से एक है जिसका लाभ आने वाले दिनों में दिखेगा। कई क्षेत्रों में संयुक्त निवेश उद्योगपति गौतम अदाणी के समूह की प्रमुख कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज ने कहा कि उसकी संयुक्त उद्यम कंपनी अडानीकॉनेक्स और गूगल, विशाखापत्तनम में भारत का सबसे बड़ा एआई डेटा सेंटर परिसर और नई हरित ऊर्जा अवसंरचना विकसित करेगी। इसका मकसद भारत में सबसे जटिल एआई कार्यों को अंजाम देना है। परियोजना के तहत आंध्र प्रदेश में नई पारेषण लाइन, स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और नवीन ऊर्जा भंडारण प्रणालियों में संयुक्त निवेश किया जाएगा जिससे नए अवसर खुलेंगे। कोट... यह निवेश बुनियादी ढांचे में निवेश से बढ़कर है। एक उभरते राष्ट्र में निवेश है। गूगल के साथ साझेदारी करने पर गर्व है जो भारत के डिजिटल परिवेश के भविष्य को परिभाषित करेगी। गौतम अदाणी, चेयरमैन, अडानी समूह

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