
‘समुद्री चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत’
- नौसेना उपप्रमुख ने सूचना के साझाकरण पर भी जोर दिया नई दिल्ली,
भारतीय नौसेना के एक शीर्ष अधिकारी ने सोमवार को लगभग 30 देशों के समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों की एक सभा में कहा कि वैश्विक समुद्री चुनौतियों से निपटने के लिए सूचना साझाकरण और समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। समुद्री सूचना साझाकरण कार्यशाला (एमआईएसडब्ल्यू) के तीसरे संस्करण के उद्घाटन सत्र में अपने संबोधन में नौसेना उप प्रमुख (डीसीएनएस) वाइस एडमिरल तरुण सोबती ने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) दुनिया भर के देशों की समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है फिर भी समुद्री चुनौतियों से घिरा है। तीन दिवसीय कार्यक्रम सोमवार को गुरुग्राम स्थित सूचना संलयन केंद्र-हिंद महासागर क्षेत्र (आईएफसी-आईओआर) में शुरू हुआ। समुद्र में हमेशा खतरा नौसेना उपप्रमु्ख ने कहा कि समुद्री डकैती और सशस्त्र डकैती, अनियमित मानव प्रवास, तस्करी, मछली पकड़ना, पर्यावरणीय क्षरण जैसे मुद्दे हमारी साझा सुरक्षा के लिए हमेशा मौजूद खतरे हैं।

सोबती ने कहा कि लाल सागर में सुरक्षा चिंताओं के कारण आवश्यक समुद्री यातायात के मार्ग परिवर्तन से मौसम संबंधी घटनाओं में वृद्धि हुई है, जिसके परिणामस्वरूप माल की हानि और देरी हुई है। डीसीएनएस ने समुद्री सूचना साझाकरण कार्यशाला जैसे मंचों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह वैश्विक समुद्री चुनौतियों को उजागर करता है और समन्वित प्रयासों की आवश्यकता को रेखांकित करता है। हमें न केवल इन चुनौतियों का जवाब देना चाहिए बल्कि उनके संभावित प्रभावों का पूर्वानुमान भी लगाना चाहिए और उनके लिए तैयार रहना चाहिए।

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