पूरी दुनिया में हो रही है ऊर्जा खपत में कटौती
वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच, सभी सरकारें नागरिकों से ऊर्जा की खपत कम करने और यात्रा में कटौती करने की अपील कर रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी की अपील इस रुझान का हिस्सा है। कई देशों ने ईंधन राशनिंग, घर से काम करना अनिवार्य और यात्रा प्रतिबंध जैसे आदेश जारी किए हैं।

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। वैश्विक संकट के इस दौर में दुनिया भर में सभी सरकारें नियमित रूप से नागरिकों से ऊर्जा की खपत में कटौती करने, यात्रा कम करने और ऊर्जा संरक्षण का आग्रह कर रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी की ओर से संयम बरतने की अपील इस विश्वव्यापी रुझान का ही एक भाग है। 2026 के तेल संकट से निपटने के लिए कई देशों ने तो इस प्रकार की अपील से आगे बढ़कर ईंधन की राशनिंग कर दी, घर से काम करना अनिवार्य कर दिया, ईंधन की बिक्री की सीमा निर्धारित कर दी, गति सीमा घटा दी और यात्रा प्रतिबंध जैसे अनिवार्य आदेश जारी कर दिए हैं। वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए आईईए ट्रैकर ने लगभग 40 देशों (साथ ही यूरोपीय आयोग) की ओर से किए गए आपातकालीन ऊर्जा संरक्षण के उपायों के बारे में जानकारी दर्ज की है। 40 से अधिक देशों ने ईंधन और आवागमन के संबंध में कार्रवाई की है। उन्नत अर्थव्यवस्थाओं ने उत्पाद शुल्क में कटौती, राज्यों की सहायता के ढांचे, ईंधन की कालाबाजारी या अधिक रकम लेकर बेचे जाने के विरुद्ध चेतावनी जारी की है और परिवहन, खेती तथा अधिक लंबी दूरी तक गाड़ी से यात्रा करने वाले उपयोगकर्ताओं के लिए विशिष्ट क्षेत्रों में राहत की शुरूआत की है।
ऊर्जा खपत में कमी के उपाय
तीन देशों ने रसोई में खाना पकाने के लिए तेल/एलपीजी की खपत को कम करने के लिए प्रत्यक्ष उपाय (राशनिंग, सिलेंडर आधा भरने या इलेक्ट्रिक/पीएनजी विकल्पों में परिवर्तन) लागू किए। 18 देशों ने आवागमन में कमी की रणनीतियों (ईंधन राशनिंग,सीमा निर्धारण, ड्राइविंग के लिए वैकल्पिक दिवस, सार्वजनिक परिवहन,कारपूलिंग को बढ़ावा देना, निजी,सरकारी वाहनों पर सीमा और ईवी प्रोत्साहन) को अपनाया। 13 देशों ने खासकर सार्वजनिक क्षेत्र में वर्क-फ्रॉम-होम (डब्ल्यूएफएच) और रिमोट-वर्क व्यवस्था को बढ़ावा दिया। लगभग सभी देशों (35 से अधिक) ने सार्वजनिक अभियानों, कूलिंग/प्रकाश संबंधी सीमाओं, सरकारी यात्रा प्रतिबंधों और सामान्य दक्षता अभियानों के माध्यम से ईंधन की खपत व्यापक स्तर पर घटाने की पहल शुरु की। कई देशों में सरकारी कर्मचारियों के लिए दूरस्थ कार्य को प्रोत्साहित या अनिवार्य किया गया है और आवागमन में कटौती करने के लिए निजी क्षेत्र में इसे बढ़ावा दिया गया है।
ऊर्जा प्रबंधन करने वाले देश
जिन देशों में ऊर्जा प्रबंधन किया जा रहा रहा है उनमें पाकिस्तान, इंडोनेशिया, श्रीलंका, कोरिया, कंबोडिया, लाओस पीडीआर, मलेशिया, फिलीपींस, थाईलैंड, वियतनाम, पेरू, मिस्र, बांग्लादेश, सिंगापुर, जॉर्डन, पनामा, तंजानिया, ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड, मेडागास्कर, स्पेन, यूनाइटेड किंगडम, म्यांमार, फ्रांस, चिली, मार्शल द्वीप समूह, तुवालु,मालदीव, नेपाल शामिल हैं।
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