
दुबई से जंगी ऐप के जरिए गोलीबारी की दी थी सुपारी
दिल्ली में बुकी बंटी के घर पर हुई गोलीबारी की साजिश हाशिम बाबा गिरोह के सचिन ने दुबई से जंगी ऐप के माध्यम से रची थी। रंगदारी नहीं मिलने पर दिल्ली के बदमाशों को गोलीबारी की सुपारी दी गई थी। पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जो इस वारदात में शामिल थे।
नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। फर्श बाजार में बुकी बंटी के घर पर गोलीबारी की पूरी साजिश हाशिम बाबा गिरोह के सचिन ने जंगी ऐप के माध्यम से दुबई में बैठ कर रची थी। उसने रंगदारी नहीं मिलने पर ऐप से दिल्ली के बदमाशों से जुड़कर उन्हें गोलीबारी की सुपारी दी थी। यह खुलासा पिछले सप्ताह पकड़े गए तीन बदमाशों ने पूछताछ में किया है। बदमाशों ने पुलिस को बताया कि बुकी बंटी के अलावा प्रीत विहार स्थित सोसो बार और जीटीबी एन्क्लेव स्थित सिगार बार में भी गोलीबारी का काम सौंपा गया था। हालांकि, वारदात को अंजाम देने से पहले बदमाश पकड़े गए।
जिसके बाद यह काम किसी अन्य गिरोह को सौंप दिया गया। आरोपियों के इस खुलासे के बाद सिगार बार में गोलीबारी करने वाले गिरोह के तार भी हाशिम बाबा गिरोह से जुड़ गए हैं। बार में गोलीबारी करने वाले तीन नाबालिगों समेत कुल चार बदमाशों को शाहदरा पुलिस ने शनिवार को हिरासत में लिया था। इन आरोपियों से भी पूछताछ चल रही है। पुलिस उपायुक्त प्रशांत गौतम ने बताया कि बुकी बंटी के घर पर गोलीबारी में तीन बदमाशों जहीर उर्फ आसिफ उर्फ गुड्डू, सलमान उर्फ लड्डन और फारुख को गिरफ्तार किया गया है। तीनों ने पूछताछ में खुलासा किया कि 30 लाख की रंगदारी नहीं मिलने पर हाशिम बाबा गिरोह के सचिन ने जंगी ऐप से जहीर को गोलीबारी की सुपारी दी। हथियार भी मुहैया कराया था इसी ऐप पर वारदात को अंजाम देने के तरीके से लेकर हथियारों व बाइक की उपलब्धता आदि की साजिश रची गई। उसे 70 हजार नकद और तीन पिस्टल भी उपलब्ध कराई गई, जो कि कांति नगर स्थित एक कूड़े के डिब्बे में छिपाया गया था। हथियार और नकद लेने के बाद फारुख और अब तक फरार फैजान से बुकी बंटी के यहां गोलीबारी कराई गई। जबकि सलमान ने रंगदारी का पर्चा फेंका। इनके पास से पिस्टल और दो कारतूस, बाइक व मोबाइल फोन बरामद हुए थे। इन तीनों पर करीब डेढ़ दर्जन मामले दर्ज हैं। ऐप पर बातचीत का ब्योरा ढूंढ़ना मुश्किल जंगी ऐप एक निजी मैसेंजर ऐप है। ऐप की खास बात यह है कि इसे इस्तेमाल करने के लिए मोबाइल नंबर या व्यक्तिगत जानकारी देने की जरूरत नहीं होती। जब आप जंगी ऐप में खाता बनाते हैं, तब आपको 10 अंकों का एक नंबर दिया जाता है, जिससे आप किसी को भी कॉल या मैसेज कर सकते हैं। यह ऐप आपके संदेशों को एनक्रिप्टेड रूप से भेजता है और बातचीत का सारा ब्योरा 20 सेकंड के अंदर अपने आप डिलीट हो जाता है। प्राइवेसी सुविधाओं के चलते ऐप का इस्तेमाल करने वालों को ढूंढ़ पाना मुश्किल होता है। इस ऐप को डिजाइन करने का उद्देश्य, तो स्कैम और व्यक्तिगत जानकारी को लीक होने से बचाना था, लेकिन गैंगस्टर अब इसका गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




