
वीडियो बनाकर हाशिम बाबा को गाली देने वाले वसीम की गोली मार कर हत्या
वसीम की हत्या के मामले में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह ने जिम्मेदारी ली, दो बार पहले भी किए थे हमले, दोनों बार बच गया था
नई दिल्ली, वरिष्ठ संवाददाता। शास्त्री पार्क इलाके में 30 दिसंबर को वसीम की हुई हत्या के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। सोशल मीडिया पर सामने आई एक पोस्ट में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह ने हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। पोस्ट में कहा गया है कि वसीम की हत्या की साजिश लंबे समय से रची जा रही थी और उस पर पहले भी कई बार हमले किए गए थे, लेकिन वह हर बार बच निकला। इस दावे के सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस ने पोस्ट की सत्यता और इसके पीछे की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह पोस्ट वास्तविक है या भ्रामक, इसकी पुष्टि के लिए तकनीकी और खुफिया जांच की जा रही है। गैंगस्टर छेनू का करीबी बताया जा रहा वसीम पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वसीम गैंगस्टर छेनू का करीबी बताया जाता था। मंडोली जेल में बंद रहने के दौरान उसकी हाशिम बाबा गिरोह से विवाद की शुरुआत हुई। इसी दौरान हाशिम बाबा के करीबी समीर बाबा से वसीम की कहासुनी हुई थी, जिसके बाद उसे जान से मारने की धमकी दी गई थी। जेल से बाहर आने के बाद वसीम ने सोशल मीडिया पर सक्रियता बढ़ा दी थी और हाशिम बाबा के खिलाफ लगातार वीडियो पोस्ट करने लगा था। इन वीडियो में वह गैंगस्टर छेनू का समर्थन करता और हाशिम बाबा के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करता था। ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जिसके बाद वसीम को लगातार धमकियां मिलने लगी थीं। चार बार जानलेवा हमले किए थे पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वसीम पर इससे पहले चार बार जानलेवा हमले किए जा चुके थे। 12 जून को वेलकम इलाके के शैतान चौक पर बातचीत के बहाने बुलाकर उस पर और उसके दोस्त आसिफ पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गई थीं। इस हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हुए थे, जबकि पास में मौजूद दो बुजुर्ग भी गोली लगने से जख्मी हो गए थे। कई गोलियां लगने के बावजूद वसीम की जान बच गई थी और उसका जीटीबी अस्पताल में लंबे समय तक इलाज चला। पत्नी ने पुलिस से सुरक्षा की मांग की थी 14 जुलाई को एक और सनसनीखेज घटना सामने आई, जब तीन बदमाश जीटीबी अस्पताल के वार्ड में घुस गए। बदमाशों ने वसीम समझकर 32 वर्षीय रियाजुद्दीन पर गोलियां चला दीं, जिससे उसकी मौत हो गई। इस वारदात के बाद वसीम की पत्नी आफरीन ने पुलिस से सुरक्षा की मांग की थी। इलाज के बाद वसीम की हालत में सुधार हुआ और वह अस्पताल से बाहर आ गया था। सोशल मीडिया पर डाले गए वीडियो वजह बने पुलिस सूत्रों का कहना है कि वसीम की गतिविधियां और सोशल मीडिया पर डाले गए वीडियो उसकी हत्या की बड़ी वजह बने। सोशल मीडिया पोस्ट में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की ओर से वसीम को निशाना बनाने और दुश्मनों को चेतावनी देने की बात कही गई है। हालांकि पुलिस इस पोस्ट को अंतिम सच मानने से पहले सभी पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल दिल्ली पुलिस हत्या के इस मामले को गैंगवार से जोड़कर देख रही है। सोशल मीडिया पोस्ट की फॉरेंसिक जांच, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और आपराधिक नेटवर्क के लिंक खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हत्या के पीछे कौन-कौन शामिल हैं और सोशल मीडिया पर किया गया दावा कितना सही है। पोस्ट में दी चेतावनी दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके में हाशिम बाबा के खिलाफ सोशल मीडिया पर लगातार वीडियो डालने वाले वसीम की आवाज अब हमेशा के लिए बंद कर दी गई है। पोस्ट में कहा गया है कि इससे पहले भी उस पर दो बार हमला किया गया था, लेकिन हर बार वह बच निकला। इससे उसे यह भ्रम हो गया था कि हम उसे भूल गए हैं, लेकिन हमारे दुश्मन यह बात अपने जेहन में साफ कर लें। गिरोह का दावा है कि यदि वह किसी के पीछे पड़ जाता है तो तब तक नहीं रुकता, जब तक उसका अंत नहीं हो जाता। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि वसीम की हत्या महज एक उदाहरण नहीं, बल्कि शुरुआत है और अब दुश्मनों का एक-एक कर नंबर आएगा। सभी को ऐसी मौत दी जाएगी, जिसे उनकी आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी।

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