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यमुनापार में कत्लेआम मचाने वाला एक लाख का इनामी गिरफ्तार

चार माह पहले यमुनापार में अलग-अलग इलाकों में दो युवकों की गोलियों से भूनकर हत्या करने वाले एक लाख रुपये के इनामी कुख्यात बदमाश को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और यूपी पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार तड़के अमरोहा में हुई मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में दौरान आरोपी 30 वर्षीय अनवर हटेला को तीन गोलियां लगी हैं। उसका मेरठ के अस्पताल में इलाज चल रहा है। आरोपी तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर इरफान उर्फ छेनू पहलवान गैंग का शार्प शूटर है।

स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद सिंह कुशवाहा ने बताया कि उनकी टीम पिछले चार महीने से आरोपी अनवर सहित दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय बदमाशों की धरपकड़ में जुटी हुई थी। इसी दौरान पुलिस को अनवर हटेला के अमरोहा में छिपे होने की सूचना मिली। यह भी पता चला कि वह अपनी पत्नी और एक साथी के साथ सेंट्रो कार में किसी वारदात को अंजाम देने के इरादे से दिल्ली जाएगा।

इस सूचना पर स्पेशल सेल की टीम ने गुरुवार तड़के करीब 4:30 बजे अमरोहा बाइपास के पास यूपी पुलिस की टीम के साथ उसे रुकने का इशारा किया। मगर, वह भागने लगा। इसपर पुलिस ने करीब ढाई किलोमीटर तक पीछा किया।

चारों तरफ से घिरने पर पुलिस पर फायरिंग की : आरोपी अनवर जब चारों तरफ से घिर गया तो उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी। इसमें स्पेशल सेल के इंस्पेक्टर शिव कुमार और यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर राजेंद्र नागर की बुलेट प्रूफ जैकेट में गोलियां लगीं। वहीं, यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर धमेंद्र हाथ में गोली लगने की वजह से जख्मी हो गए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें पैरों में तीन गोलियां लगने की वजह से अनवर गंभीर रूप से जख्मी हो गया, जबकि उसके अन्य साथ मौके से फरार होने में कामयाब हो गए।

कार से कार्बाइन बरामद हुई : पुलिस ने मुठभेड़ के बाद आरोपी की कार की तलाशी ली उसमें एक कार्बाइन और 20 गोलियां मिली। इसके अलावा, आरोपियों द्वारा चलाई गई गोलियों के 11 खोल, जबकि पुलिस द्वारा चलाई गई गोलियों के 14 खोल मौके से बरामद हुए। कार से 75 हजार रुपये नकद भी मिले। इस मुठभेड़ को लेकर अमरोहा में मामला दर्ज किया गया है।

विरोधी गुट के बदमाश को मारी थी 20 से ज्यादा गोली :

अनवर यूपी के अमरोहा का रहने वाला है। बीते साल 22 अक्तूबर को उसने यमुनापार में अपने साथियों के साथ स्कूटी पर जा रहे विरोधी गुट के बदमाश वाजिद और फैज पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थी। इस वारदात में वाजिद की 20 से ज्यादा गोली लगी थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी, जबकि फैज जख्मी हुआ था। इस वारदात के चंद घंटों बाद ही उन्होंने आरिफ हुसैन की भी 15 से ज्यादा गोली मारकर हत्या कर दी थी। खास बात यह है कि दोनों ही गैंग के आका जेल से बैठे-बैठे अपने गुर्गों को निर्देश देकर वारदातों को अंजाम दिलवा रहे हैं।

आरोपी छेनू पहलवान गिरोह का है शार्प शूटर :

पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी अनवर जेल में बंद कुख्यात गैंगेस्टर छेनू पहलवान गिरोह का शार्प शूटर है। पिछले दिनों छेनू पहलवान गैंग के शार्प शूटर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था, जिसके पास पुलिस को हथियार के साथ बुलेट प्रूफ जैकेट भी मिली थी। तभी ये जानकारी मिली थी कि इस गिरोह के बदमाश पुलिस से बचने के लिए रास्ते में बुलेट प्रूफ जैकेट का भी इस्तेमाल करते हैं।

पत्नी को साथ लेकर चलता था आरोपी :

आरोपी अनवर ने अमरोहा में अपना एक मकान बना लिया था। वहां पर वह पत्नी एवं एक बच्चे के साथ रहता था। घर से बाहर जाते समय वह गाड़ी में अपनी पत्नी को बिठाकर चलता था ताकि रास्ते में जांच के दौरान पुलिसकर्मी उस पर शक ना करें। वह बीते 14 वर्षो से आपराधिक वारदातों में शामिल रहा है। पहली बार वह वर्ष 2014 में गिरफ्तार हुआ था। पुलिस को 10 से ज्यादा वारदातों में उसकी तलाश थी।

छेनू-नासिर के बीच ऐसे शुरू हुआ गैंगवार :

वर्ष 2004 में बिजनौर निवासी आरिफ के साथ नासिर अवैध हथियारों की सप्लाई करता था। वह दिल्ली के बदमाशों को हथियार पहुंचाते थे। वर्ष 2010 में स्पेशल सेल ने नासिर को 55 लाख की डकैती के मामले में गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद नासिर ने कुख्यात बदमाश हाशिम बाबा से दोस्ती कर ली।

हाशिम की अकील मामा और छेनू गिरोह से रंजिश चल रही थी। छेनू कुख्यात बदमाश हाजी अफजाल और कमल का चचेरा भाई था। इस कारण नासिर भी इनका विरोधी हो गया और यहीं से शुरू हुई दोनों गैंग के बीच गैंगवार शुरू हो गया।

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