पेट्रोल, डीजल के दाम बढ़े, बढ़ेगी महंगाई

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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पश्चिम एशिया संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के बाद, सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन रुपए प्रति लीटर का इजाफा किया है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 97.77 रुपए प्रति लीटर हो गई है। इसके अलावा, सीएनजी की कीमत भी बढ़कर 79.09 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई है।

पेट्रोल, डीजल के दाम बढ़े, बढ़ेगी महंगाई

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। पश्चिम एशिया संकट की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में इजाफे के बाद ठीक चार वर्ष बाद सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि कर दी। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई। इससे पहले 21 मई 2022 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की गई थी। इसके बाद सरकार ने उत्पाद शुल्क में बदलाव किया, पर खुदरा कीमतों पर असर नहीं पड़ा। पेट्रोल और डीजल के साथ दिल्ली और मुंबई सहित दूसरे शहरों में सीएनजी की कीमतों में भी दो रुपए प्रति किलोग्राम की वृद्धि की गई है। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों का कहना है कि ईंधन की कीमतों में यह इजाफा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद कंपनियों को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए किया गया है。

पेट्रोल और डीजल की कीमतें

पेट्रोल के दाम में तीन रुपए की बढ़ोतरी के बाद राजधानी दिल्ली में कीमत 94.77 रुपए के बढ़कर 97.77 रुपए प्रति लीटर हो गई है। इसी तरह डीजल की कीमत 87.67 रुपए से बढ़कर 90.67 रुपए हो गई हैं। सीएनजी की कीमत भी दो रुपए प्रति किलोग्राम के इजाफे के बाद 79.09 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई है। हर राज्य में पेट्रोल, डीजल व सीएनजी पर (मूल्य वर्धित कर) वैट अलग-अलग है, इसलिए हर राज्य में कीमत भी अलग अलग होती है।

सरकार की अपील

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में वृद्धि का फैसला ऐसे वक्त किया है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार देशवासियों से ईंधन खपत करने, एक वर्ष तक सोना न खरीदने और विदेश यात्रा न करने की अपील कर रहे हैं क्योंकि, ऊर्जा की ऊंची कीमत भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव डाल रही है। इसकी वजह से लगातार तीसरे वर्ष भी चालू खाते का घाटा बढ़ने का खतरा पैदा हो रहा है।

कंपनियों पर दबाव

ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े जानकार मानते हैं कि पश्चिम एशिया संकट की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमत ऊंची रहती हैं तो सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों पर लगातार दबाव बना रहेगा। ऊर्जा की ऊंची कीमत भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव डाल रही है। दरअसल, अप्रैल में कच्चे तेल की कीमत औसत 114. 48 डॉलर प्रति बैरल थी जबकि मई में अब तक कच्चे तेल की कीमत का औसत 106 डॉलर प्रति बैरल है।

अधिक वृद्धि की संभावना

ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन रुपए प्रति लीटर की बढोतरी के बावजूद सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को अभी भी पांच सौ करोड़ रुपए से अधिक का घाटा उठाना पड़ रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले वक्त पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों में और इजाफा हो सकता है।

घरेलू सिलेंडर और पीएनजी ग्राहकों के लिए राहत

इस सबके बीच घरों में खाना बनाने के लिए मुहैया कराई जाने वाली पाइप नेचुरल गैस (पीएनजी) और घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में सरकार ने कोई बदलाव नहीं किया है। सरकार से सात अप्रैल को घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में पचास रुपए प्रति सिलेंडर का इजाफा किया था। हालांकि, पश्चिम एशिया संकट के बाद सरकार ने सात अप्रैल को घरेलू सिलेंडर की कीमत में पचास रुपए प्रति सिलेंडर की वृद्धि की थी।

महंगाई का असर

इस इजाफे के बाद आवश्यक चीजों की कीमतों में भी वृद्धि हो सकती है। इस फैसले से कंपनियां अपने उत्पादों की ढुलाई खर्च में बढ़ोतरी होने का दावा कर दामों में इजाफा कर सकती हैं। इसका असर परिवहन क्षेत्र में दिखेगा। ऑटो-टैक्सी का किराया भी बढ़ने के पूरे आसार हैं।

ब्याज दरों पर असर

इस फैसले का असर अगले महीने होने वाली आरबीआई की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में दिखाई दे सकता है। आरबीआई ब्याज दरों में बढ़ोतरी करने का फैसला लेता है तो कर्ज की किस्तों में इजाफे का दौर शुरू हो सकता है। गौरतलब है कि इसी हफ्ते खुदरा और थोक महंगाई के आंकड़ों में तेज उछाल देखा गया है।

सरकार के कदम

केंद्र सरकार ने 21 मई 2022 को पेट्रोल और डीजल पर पेट्रोल पर आठ और डीजल पर छह रुपए प्रति लीटर उत्पाद शुल्क कम किया था। इससे उस वक्त पेट्रोल की कीमत में 9.5 रुपए और डीजल के दाम में सात रुपए प्रति लीटर की कमी आई थी। इस बीच, सरकार ने कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के असर को कम करने के लिए 27 मार्च को उत्पाद शुल्क में कटौती की थी, पर इस से पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों पर कोई असर नहीं पड़ा था।

सामान्य प्रश्न

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कितनी वृद्धि हुई है?
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है।
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