नाबालिग के यौन उत्पीड़न में पूर्व पूजारी को उम्रकैद
एक विशेष अदालत ने एक पूर्व मंदिर पुजारी बिनेश को 14 साल की लड़की के साथ यौन उत्पीड़न के लिए उम्रकैद की सजा सुनाई। घटना 2019 में हुई, जब पुजारी ने पीड़िता की मां को विश्वास दिलाया कि उनकी बेटी पर प्रेतबाधा है। अदालत ने आरोपी पर दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।

एक विशेष अदालत ने शनिवार को एक पूर्व मंदिर पुजारी को बुरी आत्माओं को भगाने के लिए पूजा करने के बहाने 14 साल की लड़की के साथ यौन उत्पीड़न करने के लिए उम्रकैद सुनाई। तिरुवनंतपुरम अतिरिक्त सत्र अदालत (पॉक्सो एक्ट मामले) के जज शिबू एम.पी. ने आरोपी, एर्नाकुलम जिले के मूथाकुन्नम के बिनेश को जुर्म का दोषी पाया और दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। बिनेश पहले कन्नमूला बालसुब्रमण्य मंदिर में पुजारी था। कोर्ट ने बिनेश को पॉक्सो और आईपीसी के तहत दुष्कर्म के दो अलग-अलग आरोपों में उम्रकैद की सजा सुनाई, और आदेश दिया कि दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
अदालत ने दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने जिला विधि सेवा प्राधिकरण को पीड़ित मुआवजा योजना के तहत पीड़िता को वित्तीय मुआवजा प्रदान करने का निर्देश दिया। यह था मामला यह घटना 2019 में हुई जब पीड़िता की मां ने बिनेश से मदद मांगी, क्योंकि उनकी बेटी अपने स्कूल एग्जाम को लेकर बहुत चिंतित थी। बिनेश ने स्थिति का फायदा उठाते हुए मां को यह विश्वास दिलाया कि उसकी बेटी पर प्रेतबाधा है और उसे विशेष अनुष्ठानों की जरूरत है। इसी बहाने आरोपी नाबालिग को एक कमरे में ले गया और कई दिनों तक उसके साथ कई बार यौन उत्पीड़न किया।बच्ची की चिंता कम न होने पर माता-पिता उसे मानसिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जिसके बाद इस दुर्व्यवहार का खुलासा हुआ। परामर्शदाताओं के साथ एक सत्र के दौरान पीड़िता ने घटना का खुलासा किया, जिसके बाद मेडिकल कॉलेज पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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