
एफपीआई की बिकवाली तेज, देशी संस्थानों ने बाजार संभाला
दिसंबर में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय शेयरों में लगभग 18,000 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ा। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने तेजी से खरीदारी कर संतुलन बनाए रखा। निवेश विश्लेषकों के अनुसार, घरेलू निवेशकों ने मजबूत मुनाफ़ा-वृद्धि वाली कंपनियों में निवेश किया, जिससे उनका विश्वास बढ़ा।
मुम्बई, एजेंसी। दिसंबर माह में भारतीय शेयर बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने लगभग 18,000 करोड़ रुपये के भारतीय शेयरों की बिकवाली की, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ा। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने इस बिकवाली का दोगुना तेजी से खरीदारी करते हुए बाजार में संतुलन बनाए रखा। उच्चतम विदेशी निवेशक निकासी का असर प्रमुख शेयर सूचकांकों पर दिखा, लेकिन देसी निवेशकों की सक्रिय खरीदारी से बाजार में व्यापक गिरावट से बचाव हुआ। निवेश विश्लेषकों के अनुसार, घरेलू निवेशकों ने जिन बड़े स्तर की कंपनियों में निवेश किया, वे जो दीर्घकालिक क्षमता और मजबूत मुनाफ़ा-वृद्धि दिखा रही हैं, जिससे घरेलू निवेशकों के विश्वास में इज़ाफा हुआ है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों की बिकवाली का प्रमुख कारण अस्थिरता, डॉलर के मजबूती के संकेत और अन्य प्रमुख राष्ट्रों में ब्याज दरों के रुझान से संबंधित जोखिम हैं। पॉलिसी अनिश्चितता और अंतरराष्ट्रीय पूंजी प्रवाह की चाल ने भी निवेशकों की रणनीतियों पर प्रभाव डाला। अर्थव्यवस्था के तेजी से बढ़ते डाटा और अपेक्षित वित्तीय सुधारों के बीच घरेलू निवेशकों की खरीदारी से बाजार में सकारात्मक संकेत मिले हैं। बाजार विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि दिसंबर के महीने का यह पैटर्न नये साल के निवेश रुझानों पर संकेत दे सकता है। अगर वैश्विक आर्थिक संकेत बेहतर होते हैं, तो विदेशी निवेशकों के वापस लौटने की सम्भावना भी निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

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