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नई दिल्लीविदेश ::: चीन : गलवान घाटी में चीनी सैनिकों की मौत की संख्या पर सवाल उठाने वाले ब्लॉगर को जेल

हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 05:50 PM
विदेश ::: चीन : गलवान घाटी में चीनी सैनिकों की मौत की संख्या पर सवाल उठाने वाले ब्लॉगर को जेल

विदेश ::: चीन : गलवान घाटी में चीनी सैनिकों की मौत की संख्या पर सवाल उठाने वाले ब्लॉगर को जेल

25 लाख से अधिक प्रशंसक हैं चीनी ब्लॉगर जिमिंग के इंटरनेट पर

8 महीने जेल की सजा सुनाई गई है मशहूर ब्लॉगर को

बीजिंग, एजेंसी।

चीन की पोल खोलने वाले एक लोकप्रिय ब्लॉगर को चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी ने जेल में डाल दिया है। चीनी ब्लॉगर किउ जिमिंग को इस साल की शुरुआत में भारत के साथ गलवान घाटी में हुई झड़प में मारे गए चीनी सैनिकों की संख्या पर संदेह जताने के लिए हिरासत में लिया गया था। ब्लॉगर को चीन में आठ महीने की जेल की सजा सुनाई गई है।

ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने सोमवार को ब्लॉगर जिमिंग को शहीदों का अपमान करने का दोषी करार देते हुए उसे आठ महीने जेल की सजा सुनाई है। चीन में आपराधिक कानून में संशोधन के बाद इस तरह का पहला मामला है। पूर्वी चीन के जिआंगसु प्रांत में एक नानजिंग अदालत ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि जिमिंग ने सच्चाई से अपना अपराध कबूल कर लिया और अदालत में कहा कि वह फिर कभी अपराध नहीं करेगा, इसलिए उसे हल्की सजा मिली। ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, 1 मार्च को जिमिंग ने चीन के सरकारी प्रसारक सीसीटीवी पर एक प्रसारण के दौरान अपनी टिप्पणियों के लिए खुली माफी मांगी थी।

ब्लॉगर जिमिंग ने अपने ब्लॉग के जरिये चीनी सरकार के दावे पर सवाल उठाया था। दरअसल, पिछले साल गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद भारत ने 40 से ज्यादा चीनी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया था, जिसकी पुष्टि रूस की समाचार एजेंसी टैस ने भी की थी। टैस ने 45 चीनी सैनिकों के मारे जाने की बात कही थी। लेकिन चीन ने घटना के कई महीनों के बाद सिर्फ चार सैनिकों के मारे जाने की बात कबूली थी।

मालूम हो कि लद्दाख के गलवान घाटी में 15-16 जून 2020 को हिंसक आमना-सामना में 20 से अधिक भारतीय सैनिकों की जान चली गई थी। यह पूर्वी लद्दाख में सीमा पर सैनिकों की वापसी के दौरान चीनी सैनिकों द्वारा यथास्थिति को एकतरफा बदलने के प्रयास के परिणामस्वरूप हुआ।

क्या कहा था ब्लॉगर जिमिंग ने

38 वर्षीय जिमिंग के 25 लाख प्रशंसक हैं। उसने अपने ब्लॉग में लिखा था कि चीनी अधिकारियों ने सिर्फ चार पीएलए सैनिकों के मारे जाने की बात कही है, लेकिन मेरा मानना है कि गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों के साथ संघर्ष में हताहत होने वाले सैनिकों की संख्या कहीं अधिक है। लिखा था कि एक कमांडर संघर्ष में बच गया क्योंकि वह वहां सर्वोच्च रैंक वाला अधिकारी था। यहां तक कि चीनी सैन्य अधिकारियों ने कई महीनों तक चीनी सैनिकों के मारे जाने की बात को छिपाए रखा। जिमिंग साप्ताहिक इकोनॉमिक ऑब्जर्वर में भी काम कर चुका है। फरवरी में राज्य समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने जिमिंग पर अपने सनसनीखेज पोस्ट के साथ ‘नायकों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने, राष्ट्रवादी भावनाओं को आहत करने और देशभक्ति के दिलों को जहर देने का आरोप लगाया।

कई आलोचक हो चुके हैं गायब

गौरतलब है कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी पर लंबे समय से उन विचारों को दबाने का आरोप लगाया जाता रहा है जो उसके व्यापक अधिकार को कमजोर कर सकते हैं। पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने आलोचकों को बिना किसी निशान के गायब कर दिया है। आलोचकों के करीबी लोगों को ब्लैकमेल के रूप में भी बंद कर दिया है।

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