विमान ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच उड़ानों में हो रही कटौती

Newswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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विमान ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच उड़ानों में हो रही कटौती- अकेले दिल्ली एयरपोर्ट से होने वाले घरेलू उड़ानों में करीब आठ से 10 फीसदी तक की कटौती हुईनई दिल्ली। विशेष संवाददातापश्चिम एशिया संकट के...

 विमान ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच उड़ानों में हो रही कटौती

विमान ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच उड़ानों में हो रही कटौती - अकेले दिल्ली एयरपोर्ट से होने वाले घरेलू उड़ानों में करीब आठ से 10 फीसदी तक की कटौती हुई

नई दिल्ली। विशेष संवाददाता

महंगे एटीएफ का असर

पश्चिम एशिया संकट के बीच महंगे होते हवाई एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) और अंतरराष्ट्रीय रूट प्रभावित होने उड़ानों पर सीधा असर पड़ रहा है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या लगातार कम हो रही है। अकेले दिल्ली एयरपोर्ट से प्रतिदिन संचालित होने वाली उड़ानों की संख्या आठ से 10 फीसदी तक कम हो गई है।

उड़ानों की संख्या में कमी

आंकड़ों से पता चलता है कि दिल्ली एयरपोर्ट से फरवरी में औसतन करीब 1300 से 1400 घरेलू उड़ानों का परिचालन हो रहा था, जिनकी संख्या मई में घटकर करीब 1200 से 1300 के बीच गई है। औसतन दिल्ली एयरपोर्ट से 80-150 घरेलू उड़ानों का परिचालन कम हुआ है। सबसे ज्यादा असर छोटे शहरों के रूट, देररात की उड़ानों, कम यात्री वाले मार्गों और कनेक्टिंग फ्लाइट के नेटवर्क पर पड़ा है। महंगे होते एटीएफ के बीच विमानन कंपनियों ने हवाई यात्रा का किराया बढ़ाया है, जिसका असर यात्रियों की संख्या पर भी पड़ा है। इसलिए विमानन कंपनियों ने उन मार्गों पर उड़ानों को बंद या सीमित कर दिया है, जिन पर यात्रियों की संख्या बेहद सीमित हो गई है। हालांकि विमानन कंपनियां कुछ छोटे हवाई अड्डों से कनेक्टिविटी बनाए रखने के लिए बड़े विमानों को हटाकर छोटे विमानों को संचालित कर रही है, जिससे लागत सीमित रहे। हालांकि गैर आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली एयरपोर्ट से बड़े शहरों और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर अप्रैल में यात्रियों की संख्या करीब 69 लाख रही है। जबकि मार्च में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से करीब 70 लाख यात्रियों ने सफर किया। जबकि जनवरी में यह संख्या 72.2 लाख रही थी.

अगले महीनों में और कटौती

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अभी आगे भी उड़ानों को परिचालन होगा कम

- एयर इंडिया ने जून से अगस्त के बीच कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कटौती करने और 6 मार्गों पर सेवाएं अस्थाई रूप से बंद करने का फैसला लिया है।

- एयर इंडिया के इस फैसले से प्रभावित होने वाले मार्गों दिल्ली-शिकागो, मुंबई-न्यूयॉर्क, दिल्ली-शंघाई, चेन्नई-सिंगापुर, मुंबई-ढाका, और दिल्ली-माले शामिल है।

- एयर इंडिया ने ने जून से अगस्त तक कुल 29 अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर उड़ानों की संख्या घटाई या रद्द करने का फैसला लिया है।

- इंडिगो ने पश्चिम एशिया में अपने व्यापक विस्तार को गति देने के लिए घरेलू उड़ानों में 15 फीसदी तक की कटौती की।

- इंडिगों ने हैदराबाद जैसे हवाई अड्डे से घरेलू उड़ानों की संख्या कम की है।

- इंडिगो जून में पहले के शेड्यूल उड़ानों में प्रतिदिन करीब 20 फीसदी की कटौती कर सकती है।

- इंडिगो ने फिलहाल आगरा और कानपुर के लिए उड़ानें निलंबित कर दी हैं, जबकि अयोध्या जैसे मार्गों पर कई हवाई अड्डों उड़ानों की संख्या में कटौती की है।

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मई में भी जारी है कटौती

महंगे एटीएफ के बीच परिचालन करना मुश्किल हो रहा है। कंपनी को वित्त वर्ष में करीब 22000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ था, लेकिन अब चालू वित्तीय वर्ष में एटीएफ की कीमतों में बढ़ोतरी से कंपनी की उड़ान सेवाओं पर असर पड़ रहा है। अेकले मई में एयरलाइन करीब 90-100 उड़ानों में प्रतिदिन कटौती की है।

लाभकारी मार्गों पर ध्यान

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कुछ मार्गों पर घटाई उड़ानों की संख्या

एयरलाइन सूत्रों के अनुसार अब विमानन कंपनियों ने लाभ देने वाले मार्गों पर उड़ानों को बढ़ाने पर अपना ध्यान केंद्रित किया है। खासकर जिन मार्गों पर यात्रियों की संख्या अधिक है, उन पर उड़ानों की संख्या बढ़ाई जा रही है। विमानन कंपनियों ने बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और कोलकाता से घरेलू उड़ानों में कटौती की है। जबकि मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे प्रमुख केंद्रों से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या में वृद्धि की है।

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उड़ानों में कटौती के कारण

आखिरकार क्यों की जा रही है उड़ानों में कटौती

फरवरी के अंतिम सप्ताह से अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध शुरू हुआ, जिससे कच्चे तेल के दामों में बढ़ोतरी देखी गई। इसका असर एटीएफ की कीमतों पर भी पड़ा जो किसी भी विमान कंपनी के परिचालन खर्च में करीब 40 फीसदी हिस्सेदारी रखता है। वर्तमान में भी होर्मूज स्ट्रेट बंद है, जिससे कच्चे तेल की आपूर्ति बड़े स्तर पर प्रभावित है। ऐसे में निकट भविष्य में भी एटीएफ की कीमतों में कटौती की संभावना नहीं है। फरवरी के बाद से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए एटीएफ की कीमतें करीब 120 फीसदी तक बढ़ी हैं।

अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली एयरपोर्ट से कितनी घरेलू उड़ानों में कटौती हुई है?
दिल्ली एयरपोर्ट से घरेलू उड़ानों में करीब आठ से 10 फीसदी की कटौती हुई है।
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