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दिल्ली में दवा मिलावट के लिए 84 छापेमारी

नई दिल्ली। वरिष्ठ संवाददाता

राज्य ड्रग नियंत्रक ने वर्ष 2014 से 17 के बीच दवाइयों में मिलावट रोकने के लिए दिल्ली में 84 जगहों पर छापेमारी की, मगर इनमें से केवल पांच ही मामलों की अब तक जांच पूरी हो सकी है। हाल ही में आई एक विभागीय रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। वहीं, इस अवधि में निर्माण, बिक्री एवं वितरण के दौरान मिलावट और जाली दवाइयों के मामलों में 11 लोगों पर केस दर्ज किए गए।

दिल्ली राज्य ड्रग नियंत्रण विभाग ने इस दौरान 84 छापेमारी कर 543 सैंपल की जांच की। इनमें से 40 ड्रग मानकों के अनुरूप नहीं थे। वहीं, दस दवाओं में मिलावट पाई गई। मगर इनमें से केवल पांच की ही जांच पूरी हो सकी है। छापेमारी के दौरान कुल 10.34 लाख रुपये की दवाई सील की गई थी।

अधिकांश जांच अधूरी

साल 2014-15 में 29 सैंपल की जांच की गई, जिनमें से महज एक ही ड्रग सैंपल में मिलावट मिली। साल 2015-16 में 18 छापेमारी के दौरान लिए गए 40 सैंपल में से एक की भी जांच पूरी नहीं हुई। उधर, साल 2016-17 में 289 फर्म की जांच की आई, जिनमें से 82 नियमों की अवहेलना कर रही थीं।

ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत कार्रवाई

ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 के तहत 1945 ड्रग और दवाइयों को लाइसेंस दिया जाता है। निर्माण, बिक्री और वितरण के लिए राज्य लाइसेंस प्राधिकरण अनुमति देते हैं। इस एक्ट के तहत ही मिलावट करने वाली फर्मों पर कार्रवाई की जाती है।

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  • Web Title:Five cases decided for drug adulteration in Delhi in last four years