
जीबी पंत अस्पताल को मिला विशेष सीटी स्कैनर, कैथ लैब और न्यूरो आईसीयू
दिल्ली के जीबी पंत अस्पताल में उत्तर भारत का पहला 256-स्लाइस स्पेक्ट्रल सीटी स्कैनर लगाया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने इसका उद्घाटन किया। यह मशीन कैंसर, हृदय रोग और अन्य गंभीर बीमारियों की पहचान में सहायक होगी। अस्पताल में नया न्यूरो आईसीयू और कैथ लैब भी स्थापित की गई है।
नई दिल्ली, वरिष्ठ संवाददाता। जीबी पंत अस्पताल में उत्तर भारत का पहला 256-स्लाइस स्पेक्ट्रल सीटी स्कैनर लगाया गया है। सोमवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने इस स्कैनर के साथ-साथ अस्पताल में कैथ लैब, ऑपरेशन थिएटर कॉम्प्लेक्स और न्यूरो आईसीयू का भी उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने अस्पताल में आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम में कहा कि इन सुविधाओं से न केवल दिल्ली के नागरिकों को, बल्कि अन्य राज्यों से इलाज के लिए दिल्ली आने वाले मरीजों को भी बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि जीबी पंत अस्पताल में स्थापित 256 स्लाइस सीटी स्कैनर अपनी श्रेणी का अत्यंत आधुनिक उपकरण है और उत्तर भारत में पहली बार किसी सरकारी अस्पताल में लगाया गया है।
यह मशीन कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक, न्यूरोलॉजिकल समस्याओं और एंजियोग्राफी से जुड़ी बीमारियों की सटीक पहचान कर मरीजों का जीवन बचाने में सहायक सिद्ध होगी। न्यूरो विज्ञान के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में अस्पताल में अत्याधुनिक एंजियोरियन मोनोप्लेन न्यूरो कैथ लैब स्थापित की गई है। इससे गंभीर न्यूरोवैस्कुलर बीमारियों के इलाज में डॉक्टर्स को मदद मिलेगी। 16 बेड का नया आईसीयू बनाया गया सीएम ने कहा कि कि अस्पताल के पुराने न्यूरो आईसीयू को अपग्रेड करके 16 बेड का आधुनिक न्यूरो आईसीयू विकसित किया गया है। यहां मरीजों को 24 घंटे गहन निगरानी और विशेष उपचार मिल सकेगा। विकसित की गई मशीनों की खासियत स्पेक्ट्रल सीटी स्कैनर करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से 256-स्लाइस स्पेक्ट्रल सीटी स्कैनर उत्तर भारत का पहला ऐसा सीटी स्कैनर है, जिसमें ऑलवेज-ऑन स्पेक्ट्रल इमेजिंग तकनीक उपलब्ध है। इस तकनीक की मदद से शरीर के अंदरूनी अंगों की बेहद स्पष्ट और सटीक जांच कुछ ही सेकंड में संभव हो सकेगी। इसमें रेडिएशन की मात्रा भी कम है, जिससे मरीजों की सुरक्षा और बेहतर होगी। न्यूरो कैथ लैब अस्पताल में 9 करोड़ रुपये की लागत से न्यूरो कैथ लैब भी शुरू की गई है। इस लैब में स्ट्रोक के इलाज, ब्रेन ट्यूमर, एन्यूरिज्म और अन्य गंभीर न्यूरोवैस्कुलर बीमारियों के लिए उन्नत उपचार संभव हो सकेंगे। इस लैब के माध्यम से प्रति वर्ष 1,200 से अधिक मरीजों को इलाज का लाभ मिल सकेगा। इससे न्यूरोलॉजिकल आपात स्थितियों में मृत्यु और विकलांगता के जोखिम को कम किया जा सकेगा। आधुनिक न्यूरो आईसीयू करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से 16 बेड वाला आधुनिक न्यूरो आईसीयू और ऑपरेशन थिएटर कॉम्प्लेक्स रोगी निगरानी प्रणालियों, विशेष ऑपरेटिव सुविधाओं और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ से लैस है। इससे गंभीर न्यूरो-क्रिटिकल एवं पोस्ट-ऑपरेटिव मरीजों को समग्र और सुरक्षित देखभाल उपलब्ध कराई जा सकेगी।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




