
एयरलाइन की लापरवाही यात्रियों पर भारी : एफआईपी
फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (एफआईपी) ने इंडिगो एयरलाइन को देशभर में हवाई सफर पर बने संकट के लिए जिम्मेदार ठहराया है। संगठन ने आरोप लगाया कि इंडिगो ने नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियमों को नजरअंदाज किया। एफआईपी ने डीजीसीए से अनुरोध किया है कि इंडिगो की उड़ानों को अनुमति न दी जाए जब तक पर्याप्त कार्मिक नहीं हैं।
मुंबई, एजेंसी। देशभर में हवाई सफर पर बने संकट के लिए फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (एफआईपी) ने इंडिगो एयरलाइन को जिम्मेदार ठहराया है। संगठन का आरोप है कि एयरलाइन ने दो साल तक न सिर्फ नियमों की अनदेखी की, बल्कि नई नियुक्तियों पर भी रोक लगाए रखी। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को भेजे पत्र में संगठन ने घरेलू उड़ानों में परेशानियों की वजह एफटीडीएल को लेकर इंडिगो का लापरवाह बने रहने को बताया है। एफआईपी ने पत्र में कहा है कि इंडिगो समेत सभी एयरलाइनों को नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियमों के बारे में डीजीसीए ने दो साल पहले ही अवगत करा दिया था।

जुलाई 2025 में इसका पहला चरण लागू हुआ, जबकि एक नवंबर से दूसरे चरण की शुरुआत हुई है। एफआईपी का आरेाप है कि जानकारी के बावजूद, दो साल तक एयरलाइन ने नए नियमों को लेकर कोई तैयारी नहीं की। न तो उड़ानों का शेड्यूल पुनर्निर्धारित किया गया, न ही कार्मिकों की नियुक्ति की गई। अब नियम पूरी तरह लागू होने के बाद कार्मिकों के अभाव में उड़ानें रद्द हो रही हैं, जिनसे देशभर में लाखों यात्री परेशान हैं। ‘इंडिगो उड़ानों को अनुमति न दी जाए’ एफआईपी ने अपने पत्र में यहां तक अनुरोध किया है कि इंडिगो की उड़ानों को अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। संगठन ने डीजीसीए के सुरक्षा नियामक से आग्रह किया है कि इंडिगो विमानों की उड़ानों को तब तक मंजूरी न मिले, जब तक उनके पास उड़ानों के लिए पर्याप्त कार्मिकों की उपलब्धता नहीं हो जाती। दूसरी एयरलाइनों को जारी किए जाएं स्लॉट एफआईपी ने पत्र में डीजीसीए से अनुरोध किया है कि अगर इंडिगो में यह दिक्कत बनी रही है, तो इंडिगो के लिए स्वीकृत उड़ान स्लॉटों पर पुनर्विचार किया जाए। इन स्लॉटों को उन दूसरी एयरलाइनों को देने का आग्रह किया गया है, जो अपनी मौजूदा उड़ानों में बिना किसी बाधा के अतिरिक्त उड़ानें संचालित करने में सक्षम हैं।

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