कुछ फास्टैग उपभोक्ताओं का अब भी कट रहा गलत टोल

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
Follow us on Google News
share

फास्टैग के जरिए टोल वसूली में गड़बड़ियों की शिकायतें लगातार बढ़ रहीं हैं

कुछ फास्टैग उपभोक्ताओं का अब भी कट रहा गलत टोल

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। फास्टैग के जरिए टोल वसूली में गड़बड़ियों की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। कई मामलों में वाहन टोल प्लाजा या एक्सप्रेसवे से गुजरा ही नहीं, फिर भी उसके फास्टैग वॉलेट से टोल शुल्क काट लिया गया। आंकड़े बताते हैं कि मार्च महीने में देशभर में ऐसे 2.62 लाख से अधिक मामले दर्ज हुए। खास बात यह है कि इनमें से 70 फीसदी मामलों में गलत तरीके से काटी गई राशि लौटाई गई। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के अनुसार, कुल 2,62,108 चार्जबैक (धनवापसी) आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 1,84,544 मामलों में ग्राहकों की शिकायत सही पाई गई और धनराशि वापस कर दी गई। यानी करीब 70 प्रतिशत मामलों में टोल शुल्क गलत तरीके से काटा गया था। इसके लिए नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (एनईटीसी) प्रणाली में बैंकों के प्रदर्शन का आकलन किया जाता है। इसमें देखा जाता है कि टोल शुल्क गलत तरीके से काटे जाने या वापसी के लिए हर महीने कुल कितनी शिकायतें दर्ज की जा रही है।

चार बैंकों ने सबसे अधिक शुल्क लौटाए

एनपीसीआई के आंकड़े बताते हैं कि चार बैंकों से जुड़े फास्टैग में सबसे अधिक चार्ज बैक के मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि इसका एक कारण यह भी है कि इन बैंकों के सक्रिय और जारी किए गए फास्टैग की संख्या सबसे ज्यादा है। शुद्ध चार्जबैक अनुपात जितना कम होता है, बैंक की लेनदेन प्रक्रिया उतनी ही अधिक सुचारु और प्रभावी मानी जाती है।

गलत शुल्क कटाने के कई किस्से

काफी शिकायतों में पीड़ित चालकों ने कहा कि उनका वाहन एक्सप्रेसवे व नेशनल हाईवे से गुजरा ही नहीं, बावजूद इसके उसकी एंट्री दिखाकर टोल शुल्क काटा गया है। वहीं, कई मामलों में यह सामने आया कि एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों के प्रवेश और निकासी की जगह गलत दिखाई गई। उदाहरण के लिए, यदि वाहन एक्सप्रेसवे पर 50 किलोमीटर चला लेकिन टोल एजेंसी ने 120 किलोमीटर या उससे अधिक की यात्रा दिखाकर फॉस्टैग वॉलेट से टोल शुल्क काट लिया।

टोल प्रणाली में कई खामियां

- कई जगहों पर टोल एजेंसी फास्टैग स्कैन करने के लिए पुराना सिस्टम इस्तेमाल कर रही है, जो गाड़ी नंबर को स्कैन करने और फीड करने में गड़बड़ी करता है।

- कई बार टोल प्लाजा से गुजरने के बाद मैन्युअल तरीके से वाहन नंबर फीड किया जाता है, जिसमें गड़बड़ी होती है।

- काफी एक्सप्रेसवे व नेशनल हाईवे पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचानने वाले कैमरे लगे हैं, जिनकी वजह से गाड़ी के प्रवेश-निकासी में उलटफेर होता है।

- कई बार बैंकों के आंतरिक सिस्टम में खराबी होती है, जिसकी वजह से वाहनों एंट्री में गड़बड़ी होने पर गलत तरीके से टोल काटा जाता है।

बड़े चार्जबैक करने वाले प्रमुख बैंक

बैंक चार्जबैक के आवेदन आवेदन स्वीकार

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक 83,786 60,054

आईसीआईसीआई बैंक 59,315 28,768

कोटक मंहिद्रा बैंक 32,116 29,891

यश बैंक 36,763 29,619

मामलों से जुड़े जानकारी के लिए कुछ सामान्य प्रश्न

टोल वसूली में क्यों गलतियाँ हो रही हैं?
टोल वसूली में गलतियों की बढ़ती शिकायतें इसके कारणों पर गंभीर चिंता उत्पन्न कर रही हैं।
Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।