
नकली बीजों के खिलाफ सख्त कानून बनाएगी केंद्र सरकार: शिवराज सिंह
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कंपनियां किसानों को मुआवजा देने के लिए कानूनी रूप से बाध्य होंगी। उन्होंने नकली बीज और कीटनाशकों पर रोक लगाने के लिए एक सख्त कानून बनाने की घोषणा की। इसके साथ ही, कृषि शिक्षा के आधुनिकीकरण और जैविक खेती के प्रमाणन प्रणाली की भी आवश्यकता बताई।
- केंद्रीय मंत्री ने कहा, किसानों को मुआवजा देने के लिए कानूनी रूप से बाध्य होंगी कंपनियां - मंत्री ने कृषि शिक्षा के आधुनिकीकरण पर जोर और पुराने पाठ्यक्रम को अनुचित करार दिया अहिल्यानगर, एजेंसी। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार जल्द ही नकली बीज और कीटनाशकों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए एक सख्त कानून बनाएगी। इससे घटिया इनपुट के कारण फसल खराब होने की स्थिति में कंपनियों को किसानों को पूरा मुआवजा देने के लिए कानूनी रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा। महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले में कृषि विज्ञान केंद्र में शेतकरी संवाद' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि प्रस्तावित बीज और कीटनाशक कानून में दोषी कंपनियों और व्यक्तियों के खिलाफ दंडात्मक और आपराधिक कार्रवाई के प्रावधान भी होंगे।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने राज्य के कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) के तहत 21वीं किस्त के रूप में महाराष्ट्र को 367 करोड़ रुपये जारी करने की घोषणा की। जल्दी अपडेट हो संशोधित पाठ्यक्रम चौहान ने कृषि शिक्षा के आधुनिकीकरण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि खेती में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों के कारण शैक्षिक पाठ्यक्रम को बिना किसी देरी के अपडेट करना अनिवार्य हो गया है। उन्होंने कहा कि पुराने पाठ्यक्रम पढ़ाना अनुचित है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद को पाठ्यक्रम को संशोधित करने के लिए एक दशक तक इंतजार नहीं करना चाहिए बल्कि आवश्यकताओं के अनुसार तत्काल बदलाव करने चाहिए। उन्होंने जैविक खेती के लिए एक स्वतंत्र और विश्वसनीय प्रमाणन प्रणाली स्थापित करने की योजनाओं की भी घोषणा की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रमाणित अवशेष-मुक्त उपज से किसानों को बाजार मूल्य से लगभग दोगुना दाम मिलेगा। उन्होंने यूरिया और उर्वरकों की कृत्रिम कमी पैदा करने और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।

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