केंद्र के प्रस्तावित विधेयकों के विरोध में एसकेएम का प्रदर्शन
केंद्र सरकार के बिजली संशोधन विधेयक 2025 और बीज विधेयक 2025 के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा ने विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने इन विधेयकों को किसान और जन-विरोधी बताया और आरोप लगाया कि ये बिजली क्षेत्र का निजीकरण करेंगे और किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाएंगे।

केंद्र सरकार के प्रस्तावित बिजली संशोधन विधेयक 2025 और बीज विधेयक 2025 के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा (संयुक्त किसान मोर्चा) ने अपने अध्यक्ष बलविंदर सिंह मल्ली के नेतृत्व में सोमवार को राज्य भर में विरोध-प्रदर्शन किया। सभाओं को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने बिजली संशोधन विधेयक को किसान-विरोधी और जन-विरोधी करार दिया और आरोप लगाया कि इससे बिजली क्षेत्र का निजीकरण होगा और उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ेगा। उन्होंने बीज विधेयक, 2025 का भी विरोध किया और इसे किसानों के हितों के लिए हानिकारक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक उन तीन कृषि कानूनों के समान प्रावधानों को फिर से लागू करने का प्रयास करता है जिन्हें पहले लगातार विरोध के बाद निरस्त कर दिया गया था।
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