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27 नवंबर, 2020|6:45|IST

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किसानों ने जंतर मंतर पर अर्थी निकालकर किया प्रदर्शन

तमिलनाड़ु के किसानों ने रविवार को एक बार फिर जंतर मंतर पर अनोखा प्रदर्शन करके सभी का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित कर लिया। आत्महत्या कर चुके अपने साथी किसानों के नरमुंड और हड्डियां लेकर प्रदर्शन कर रहे इन किसानों ने रविवार सुबह सांकेतिक रूप से साथी किसानों की अर्थी को कांधा देकर घुमाया। प्रदर्शनकारी किसानों का कहना था कि सरकार की नजर में हम लोग इसी की तरह मृत ही हैं, लंबे समय से सूखे और भुखमरी की मार झेल रहे हम किसानों की मांग अभी तक पूरी नहीं हुई है। तकरीबन पांच माह से जंतर मंतर पर लगातार प्रदर्शन कर रहे इन किसानों की मांग है कि केंद्र से 40,000 करोड़ रुपये का सूखा राहत पैकेज उन्हें दिया जाए। इसके अलावा सूखे के कारण फसलों के नुकसान की भरपाई के तौर पर कृषि ऋण माफ किया जाएगा। इसके अलावा कावेरी प्रबंधन बोर्ड की स्थापना मुख्य मांग के तौर पर शामिल हैं। अब तक ये किसान प्रधानमंत्री आवास के सामने नग्न प्रदर्शन और अपना ही मूत्र पीने जैसे प्रदर्शन कर चुके हैं। इन किसानों ने जंतर मंर पर ही घास खाकर भी अपने हाल सरकार के सामने रखने की कोशिश की। प्रदर्शनकारी ने कहा कि हम अपनी पीड़ा की तरफ प्रधानमंत्री का ध्यान खींचने के लिए हर तरह से प्रयास कर रहे हैं लेकिन कोई हल नहीं निकल रहा। इन किसानों को लगातार क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय दलों के कई नेताओं, तमिल फिल्म कलाकारों एवं किसान संघों का समर्थन मिल रहा है। बीते अप्रैल माह में आश्वासन पाकर वे अपने प्रदर्शन पूरे करके राजधानी से चले भी गए थे। लेकिन अपनी मांगें पूरी न होने पर बीते 15 दिन से वे फिर से जंतर मंतर पर धरना दे रहे हैं।