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फैक्ट्री में लगी आग में फायरकर्मी की मौत

नई दिल्ली कार्यालय संवाददाता मध्य दिल्ली के आनंद पर्वत इलाके में फैक्ट्री में लगी आग पर काबू पाने के दौरान तीन फायरकर्मी समेत पांच लोग झुलस गए। इस घटना में लीडिंग फायरमैन विजेंदर की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस लापरवाही से मौत एवं अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार बुधवार रात 10:14 बजे आनंद पर्वत की गली संख्या आठ स्थित हीटर की फैक्ट्री में आग लग गई। आग फैक्ट्री की पहली मंजिल से शुरू हुई और बढ़कर दूसरी मंजिल को भी अपने लपेटे में ले लिया। इस बीच स्थानीय लोगों ने आग लगने की सूचना पुलिस एवं दमकल विभाग को दी। सूचना मिलने पर प्रसाद नगर और रानी झांसी रोड फायर स्टेशन से दमकल की गाड़ियां आग बुझाने के लिए भेजी गईं। दो क्रम में कुल सात गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। करीब दो घंटे के बाद आग पर काबू पा लिया गया। इसके बाद इमारत को ठंडा किया जा रहा था। इसमें प्रसाद नगर स्टेशन से आए लीडिंग फायरमैन विजेंदर पौली दूसरी मंजिल पर थे और स्टेशन अफसर अवतार सिंह एवं सुनील कुमार पहली मंजिल पर थे। तभी हादसा हो हो गया। अचानक विस्फोट से गिरा टिन शेड विजेंदर दूसरी मंजिल पर कूलिंग की प्रक्रिया कर रहा था। इसी दौरान भीषण विस्फोट हुआ और पूरा का पूरा टिन शेड विजेंदर के ऊपर गिर गया। विस्फोट की आवाज सुनकर पीछे हट रहे अवतार एवं सुनील घायल हो गए। इसके बाद पुलिस एवं बचाव राहत दल ने सभी को बाहर निकाला। इसी विस्फोट के कारण बगल की छत पर खड़े धनंजय और मनोज भी आग की चपेट में आकर घायल हो गए। इसके बाद सभी घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया। चूंकि विजेंदर 60 फीसदी जल गया था इसलिए उन्हें सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां सुबह उनकी मौत हो गई। वहीं अवतार के घुटनों एवं कमर में चोट आई है जबकि सुनील का सिर फट गया है। हालांकि सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर है। दिल के मरीज थे विजेंदर विजेंदर दिल के मरीज थे और उनकी धमनियों में स्टेंट लगा हुआ था। चूंकि उन्हें सांस लेने में दिक्कत होती थी इसलिए दुर्घटनास्थल पर उन्हें दूसरी मंजिल पर आग बुझाने के लिए भेजा गया था। माना जा रहा है कि विस्फोट के कारण मौके पर उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई और वह बेहोश होकर गिर पड़े। इसके बाद आग की चपेट में आ गए। घायल हालत में जब उन्हें गंगाराम अस्पताल में लाया गया तब उनकी धड़कनें धीमी हो रहीं थी। डॉक्टरों के अनुसार उनके शरीर के अंदर रक्तस्त्राव भी हो रहा था। 20 साल की सेवा पूरी की थी विजेंदर अग्निशमन विभाग की सेवा में 1997 में भर्ती हुए थे। फिलहाल वह प्रसाद नगर फायर स्टेशन पर तैनात थे। मूल रूप से यूपी के रहने वाले विजेंदर का परिवार कमल विहार बुराडी में रहता है। परिवार में पत्नी के अलावा दो बच्चे हैं। आग बुझाने के दौरान मौतें 24 फरवरी 2017- विकासपुरी स्थित रेस्टोरेंट में आग बुझाने के दौरान सिलेंडर विस्फोट से दो फायरकर्मियों की मौत 1 अक्तूबर 2016- फैक्ट्री में आग बुझाते समय दो फायर कर्मियों की मौत

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