
तनाव दूर करना चाहते हैं तो बच्चों संग खेल लें
विशेषज्ञों ने ‘लेट्स प्ले’ प्रोग्राम के तहक किया अहम विश्लेषण इससे तनाव कम होता
विशेषज्ञों ने ‘लेट्स प्ले’ प्रोग्राम के तहक किया अहम विश्लेषण इससे तनाव कम होता है, मूड बेहतर होता है व रिश्ता मजबूत बनता है खिलौनों से खेलना, गाना गाना या मस्ती करना मेंटल हेल्थ के लिए बेहद जरूरी लीड्स, एजेंसी। बच्चों के साथ खेलने से मानसिक दबाव दूर होता है। हाल ही में इस संबंध में ब्रिटेन स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स और हडर्सफील्ड के विशेषज्ञों ने एक अध्ययन किया है। इसके अनुसार, अपने छोटे बच्चों (2 साल से कम उम्र) के साथ रचनात्मक तरीके से खेलने से माता-पिता की मानसिक सेहत में जबरदस्त सुधार होता है। दरअसल, बच्चे के जन्म के पहले साल में कई माता-पिता डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं।
इसके लक्षणों में लगातार उदासी, ऊर्जा की कमी, नींद न आना और बच्चे की देखभाल न कर पाने का डर शामिल है। यह स्थिति न केवल माता-पिता को प्रभावित करती है, बल्कि बच्चे और उनके बीच के जुड़ाव को भी कमजोर कर सकती है। इस समस्या से निपटने के लिए विशेषज्ञों ने एक खास प्रोग्राम तैयार किया, जिसे ‘लेट्स प्ले’ नाम दिया गया। यह पांच से छह हफ्तों का एक क्रिएटिव कोर्स है, जिसमें माता-पिता को बच्चों के साथ गाने, खेलने और आसान मजेदार गतिविधियां करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इस अध्ययन में 57 माता-पिता ने हिस्सा लिया। विशेषज्ञों ने पाया कि प्रोग्राम के अंत तक माता-पिता में डिप्रेशन के लक्षणों में भारी कमी आई। जिन पेरेंट्स ने कोर्स का दूसरा राउंड भी अटेंड किया, उनकी मानसिक सेहत और भी ज्यादा बेहतर हुई। यह प्रोग्राम माता-पिता के आत्मविश्वास को बढ़ाता है और उन्हें समाज से कटे रहने के अहसास से बाहर निकालता है। अध्ययन में शामिल महिलाओं ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस प्रयोग से पहले वे खुद को एक खराब मां समझने लगी थीं, क्योंकि उनका बच्चा देरी से बोलना शुरू कर रहा था, लेकिन बच्चों के साथ घर में छोटे-छोटे गेम खेलकर उन्हें अपनी संतान के साथ बेहतर तालमेल बिठाने में बहुत मदद मिल रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक, छोटे बच्चों की देखभाल करते-करते समय माता-पिता शारीरिक और मानसिक रूप से थक जाते हैं। ऐसे में ‘क्रिएटिव प्ले’ उनकी उन मानसिक जरूरतों को पूरा करता है, जो समाज में अक्सर अनसुनी रह जाती हैं। इस अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि खेल और रचनात्मक गतिविधियां न केवल बच्चों के विकास के लिए, बल्कि माता-पिता के मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। साथ ही, ये गतिविधियां परिवार के भीतर संबंध मजबूत करने में भी बहुत मदद करती हैं। बॉक्स - आत्मविश्वास बढ़ेगा और रिश्ता मजबूत होगा विशेषज्ञों का लक्ष्य अब ऐसे लोगों को ट्रेनिंग देना है, ताकि वे डॉक्टरों के पर्चे पर माता-पिता को यह ‘खेल-कूद थेरेपी’ दे सकें। यह अध्ययन साबित करता है कि छोटे बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर खिलौनों से खेलना, गाना गाना या मस्ती करना केवल समय बिताना नहीं है, बल्कि यह पूरे परिवार के मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक निवेश है। इस तरह की गतिविधियां तनाव कम करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और बच्चों के साथ मजबूत भावनात्मक संबंध बनाने में मदद करती हैं। साथ ही, यह बच्चों के विकास, भाषा और सामाजिक कौशल को प्रोत्साहित करती हैं।

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