महिला नेृतृत्व पैकेज:::::हर क्षेत्र में बढ़ रहा है महिलाओं का नेतृत्व

Newswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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नई दिल्ली, एजेंसी। भारत में महिलाओं का नेतृत्व हर क्षेत्र में बढ़ा है।

महिला नेृतृत्व पैकेज:::::हर क्षेत्र में बढ़ रहा है महिलाओं का नेतृत्व

नई दिल्ली, एजेंसी। कभी घर की चौखट तक सीमित मानी जाने वाली महिलाएं अब अंतरिक्ष मिशनों की कमान संभाल रही हैं। करोड़ों के स्टार्टअप चला रही हैं और कॉरपोरेट बोर्डरूम में बड़े फैसले ले रही हैं। पंचायतों से लेकर विज्ञान और तकनीक की दुनिया तक भारतीय महिलाओं की मौजूदगी लगातार मजबूत हुई है। रोजगार, नेतृत्व और उद्यमिता के आंकड़े बताते हैं कि देश में महिला शक्ति अब केवल भागीदारी तक सीमित नहीं बल्कि बदलाव की अगुवाई कर रही हैं

श्रमिक क्षेत्र: कामकाजी महिलाओं की आबादी बढ़ी

भारत में महिलाओं की वर्कफोर्स में भागीदारी की दर में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। पीएलएफएस के आंकड़ों के मुताबिक, महिलाओं की रोजगार दर 2017-18 के 22% से बढ़कर 2023-24 में 40.3% हो गई है। वहीं, बेरोजगारी दर 2017-18 के 5.6% से घटकर 2023-24 में 3.2% रह गई है। यह बदलाव ग्रामीण भारत में और भी अधिक अहम है, जहां महिलाओं के रोजगार में 96% की बढ़ोतरी हुई है। जबकि इसी दौरान शहरी इलाकों में रोजगार में 43% का इजाफा हुआ है।

कार्यबल में महिलाओं की स्थिति

2017-18 22%

2018-19 23.3%

2019-20 28.7%

2020-21 31.4%

2022-23 35.9%

2023-24 40.3%

स्वास्थ्य: लीडरशिप पदों पर 18 फीसदी हिस्सेदारी

भारत में स्वास्थ्य के क्षेत्र में लीडरशिप के पदों पर महिलाओं की हिस्सेदारी 18 प्रतिशत है। भारत में नर्सों में 80 प्रतिशत, डॉक्टरों में लगभग एक-तिहाई, और हेल्थ व सोशल वर्कफोर्स में आधे से अधिक महिलाएं। रिपोर्ट के मुताबिक साल 2030 तक, हेल्थकेयर सेक्टर में 80 लाख नई नौकरियां और 40000 लीडरशिप के पद जुड़ेंगे।

स्टार्टअप: एक लाख से अधिक स्टार्टअप में महिला डायरेक्टर

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़े स्टार्टअप हब है। यहां 2.2 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप हैं, जिन्होंने 23.3 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा किए हैं। इनमें से 1 लाख से अधिक स्टार्टअप में कम से कम एक महिला डायरेक्टर है। भारत सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक महिलाएं अब अधिक लीडरशिप की भूमिकाएं निभा रही हैं।

कुछ चुनिंदा सेक्टर महिलाओं का नेतृत्व

तकनीक: 20.5 प्रतिशत

मैन्युफैक्चरिंग: 17.4 प्रतिशत

वित्तीय सेवाएं: 16.9 प्रतिशत

स्रोत:ग्रांट थॉर्नटन, व्यापार में महिलाएं 2025,केपीएमजी, कॉर्पोरेट इंडिया में महिला नेतृत्व (2026), पीआईबी, सांख्यिकी मंत्रालय

कॉरपोरेट: कंपनियों में सीनियर लेवल पर महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ा

केपीएमजी की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 और 2026 के बीच कंपनियों में सीनियर लेवल पर महिलाओं के प्रतिनिधित्व सुधार हुआ है। हालांकि आगे बढ़ने में कुछ रुकावटें भी हैं। 2024 में, सर्वे किए गए आधे से अधिक ऑर्गनाइजेशन में सिर्फ 10–30 प्रतिशत लीडरशिप पोजीशन पर महिलाएं थीं। 2024 में, लगभग 23 परसेंट फर्मों में 30–50 प्रतिशत लीडरशिप रोल महिलाएं थीं और 12 प्रतिशत में 50 फीसदी से अधिक महिलाएं थीं। वहीं 2026 में, ये आंकड़े बढ़कर क्रमशः 24 प्रतिशत और 20 प्रतिशत हो गए। इन फायदों के बावजूद, कई फर्मों में अभी भी टॉप पर सीमित महिलाएं हैं। 2024 में, 83 प्रतिशत ऑर्गनाइजेशन ने बताया कि पिछले पाँच सालों में उनकी महिला लीडर्स की संख्या बढ़ी है। 2026 तक, 70 प्रतिशत ने अपनी महिला लीडर्स की संख्या बढ़ाई थी।

दुनिया में कंपनियों में महिलाओं की स्थिति

एंट्री लेवल 31 प्रतिशत

मैनेजर 45 प्रतिशत

सीनियर मैनेजर 63 प्रतिशत

वाइस प्रेसिडेंट या ऊपर 66 प्रतिशत

स्रोत: मैकिन्से वीमेन इन वर्कप्लेस रिपोर्ट

ट्रेंड बदला, अब बेहतर नौकरियों के लिए अपना शहर छोड़ रहीं महिलाएं

एक रिपोर्ट के अनुसार, देश के ब्लू और ग्रे-कॉलर वर्कफोर्स में अधिक महिलाएं और फ्रेशर्स बेहतर नौकरियों तथा ज्यादा वेतन के लिए अपने गृहनगर से बाहर जा रही हैं। इससे जनवरी-अप्रैल 2026 के दौरान नौकरी से जुड़े पलायन में साल-दर-साल 31.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। ब्लू और ग्रे-कॉलर भर्ती प्लेटफॉर्म वर्क इंडिया की रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ है। इस साल जनवरी और अप्रैल के बीच आवेदकों के अपने शहरों के अलावा दूसरे शहरों के लिए 86 लाख नौकरी के आवेदन आए है।

रिपोर्ट में पाया गया कि एक ऐसा क्षेत्र जो लंबे समय से पुरुषों के वर्चस्व वाले पलायन के लिए जाना जाता रहा है, वहां अब आंकड़े महत्वपूर्ण बदलाव की ओर इशारा करता है। ब्लू और ग्रे-कॉलर भूमिकाओं में महिलाएं अब बेहतर अवसरों के लिए अपने गृह शहरों को छोड़ने के लिए अधिक इच्छुक हैं। फ्रेशर्स या पहली बार नौकरी खोजने वालों की अलग-अलग शहरों में आवेदन करने की दर में 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।। ब्लू-कॉलर और ग्रे-कॉलर दोनों ही सेग्मेंट में, लेबर, ऑफिस का काम, सेल्स और हेल्थकेयर जैसी भूमिकाओं में इस साल अधिक वर्कर दूसरे शहरों में जाने को तैयार दिखे।

विज्ञान: इसरो में करीब 20 फीसदी महिला वैज्ञानिक

इसरो के कुल कर्मचारियों में महिला वैज्ञानिकों की हिस्सेदारी करीब 20 फीसदी है। लगभग 18% से 20% महिला वैज्ञानिक और इंजीनियर वर्तमान में विभिन्न मिशनों पर काम कर रही हैं।

इसरो में महिलाएं अब केवल टीम का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि बड़े मिशनों का नेतृत्व कर रही हैं। चंद्रयान-3 मिशन में 100 से अधिक महिला वैज्ञानिकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान मिशन में भी कई महत्वपूर्ण प्रणालियों का नेतृत्व महिला वैज्ञानिकों द्वारा किया जा रहा है।

FAQs

भारत में महिलाओं की वर्कफोर्स में भागीदारी की दर क्या है?
भारत में महिलाओं की वर्कफोर्स में भागीदारी की दर 2017-18 में 22% से बढ़कर 2023-24 में 40.3% हो गई है।
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