चुनाव आयोग ने पूर्व नौसेना प्रमुख को पहचान साबित करने का नोटिस
चुनाव आयोग ने पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल अरुण प्रकाश को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत पहचान साबित करने का नोटिस भेजा है। उन्होंने बताया कि उनकी और पत्नी की जानकारी आयोग की वेबसाइट पर थी। आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि उनका नाम 2002 में अंतिम बार अपडेट हुई सूची में नहीं है।

पणजी, एजेंसी। चुनाव आयोग ने पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल अरुण प्रकाश को एक नोटिस जारी कर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत अपनी पहचान साबित करने का नोटिस भेजा है। आयोग ने उन्हें इसके लिए एक बैठक में शामिल होने के लिए कहा है। गोवा में रह रहे सेवानिवृत एडमिरल अरुण प्रकाश ने बताया कि अगर एसआईआर फॉर्म में कोई जरूरी जानकारी नहीं मिल रही है, तो उन्हें संशोधित किया जाना चाहिए। उन्होंने एक्स पोस्ट में कहा कि मुझे सेवानिवृति के 20 साल बाद न तो किसी विशेष सुविधा की जरूरत है और न ही मैंने कभी ऐसी कोई सुविधा मांगी है।
मैंने और मेरी पत्नी ने एसआईआर के फॉर्म भरे थे और चुनाव आयोग की वेबसाइट पर गोवा मसौदा सूची में हमारा नाम भी था। बीएलओ हमसे तीन बार मिले थे, अगर कोई दिक्कत थी तो बता सकते थे। हालांकि, हम आयोग के नोटिस का पालन करेंगे। आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उनका नाम 2002 में अंतिम बार अपडेट हुई मतदाता सूची में नहीं है। इसके चलते एसआईआर में वह 'अनमैप्ड' श्रेणी में हैं। वहीं, दक्षिण गोवा की जिलाधिकारी व जिला निर्वाचन अधिकारी एग्ना क्लीटस ने बताया कि वह सोमवार को वह पूर्व नौसेना प्रमुख की फॉर्म देखेगी और प्रशासनिक अधिकारी उनसे संपर्क करेंगे। - लोगों ने आयोग से पूछे सवाल मामला सोशल मीडिया में भी चर्चा में रहा और लोगों ने इस पर हैरानी जताते आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। लोगों ने कहा कि जब पूर्व नौसेना प्रमुख का पेंशन पेमेंट ऑर्डर(पीपीओ) और जीवन प्रमाण पत्र पहले से ही सरकारी रिकॉर्ड में है, तो फिर उन्हें अपनी पहचान साबित करने के लिए कहा जा रहा है।

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