2026 में फिर बन सकता है एल नीनो प्रभाव
एल नीनो जलवायु घटना इस वर्ष के अंत तक विकसित हो सकती है, जिससे वैश्विक तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है। NOAA के अनुसार, जुलाई से सितंबर के बीच एल नीनो बनने की संभावना 50 से 60 प्रतिशत है। इसके प्रभाव से विभिन्न क्षेत्रों में सूखे और अधिक वर्षा की स्थिति बन सकती है।

पेरिस, एजेंसी। एल नीनो नामक गर्म जलवायु घटना इस वर्ष के अंत तक फिर विकसित हो सकती है, जिससे वैश्विक तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है। अमेरिकी राष्ट्रीय समुद्री और वायुमंडलीय संचालन एजेंसी (एनओएए) के अनुसार, जुलाई से सितंबर की अवधि में एल नीनो बनने की संभावना 50 से 60 प्रतिशत के बीच है। इससे पहले 2023-24 में एल नीनो देखा गया था, जिससे 2023 दूसरा और 2024 अब तक का सबसे गर्म वर्ष बन गया था। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने मंगलवार को एल नीनो की स्थिति पर रिपोर्ट जारी करेगा। - 0.2 प्रतिशत तक वैश्विक वृद्धि एल नीनो और ला नीना, उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर में होने वाली प्राकृतिक जलवायु चक्र का हिस्सा हैं।
एल नीनो गर्म और ला नीना ठंडी धारा होती है। एल नीनो के दौरान उष्णकटिबंधीय प्रशांत में पूर्व से पश्चिम की ओर बहने वाली व्यापारिक हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं। इससे समुद्र के मध्य और पूर्वी हिस्सों का तापमान बढ़ जाता है और वर्षा व वैश्विक पवन प्रारूप प्रभावित होते हैं। समुद्र की सतह पर अतिरिक्त गर्मी वायुमंडल में ऊर्जा छोड़ती है, जिससे अस्थायी रूप से वैश्विक औसत तापमान 0.1 से 0.2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। हालांकि, कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि एल नीनो वर्ष की दूसरी छमाही में बनता है तो इसका बड़ा प्रभाव 2027 में दिखेगा। - बन सकती है सूखे की स्थिति एल नीनो हर दो से सात वर्ष में एक बार आता है। इसके प्रभाव से दक्षिण-पूर्व एशिया, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिणी अफ्रीका और उत्तरी ब्राजील में सूखे की स्थिति बन सकती है, जबकि अफ्रीका के हॉर्न क्षेत्र, दक्षिणी अमेरिका, पेरू और इक्वाडोर में अधिक वर्षा होती है।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।



