
एचटी समिट:: ट्रंप नियम-आधारित व्यवस्था से भागते हैं: लूस
फाइनेंशियल टाइम्स के विश्लेषक एडवर्ड लूस ने हिन्दुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट में कहा कि डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति तर्कसंगत नहीं है। ट्रंप व्यक्तिगत और वित्तीय फैसलों को प्राथमिकता देते हैं और नियम-आधारित देशों से कम तालमेल रखते हैं। लूस ने ट्रंप प्रशासन को 'ट्रम्पिस्तान' कहा है, जो निजी निष्ठा पर आधारित है।
फाइनेंशियल टाइम्स के प्रमुख अमेरिकी विश्लेषक एडवर्ड लूस ने हिन्दुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट में कहा कि डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति कोई सुविचारित रणनीति नहीं, बल्कि सामान्य और तर्कसंगत बताने की कोशिश है। उनके अनुसार, ट्रंप नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था से दूरी बनाकर व्यक्तिगत, वित्तीय और अवसरवादी फैसलों को तरजीह देते हैं। लूस ने बताया कि ट्रंप उन देशों से ज्यादा घुलते-मिलते हैं जहां नियम-कानून की बंदिशें कम हैं, जैसे पाकिस्तान, सऊदी अरब, यूएई और कतर। ऐसा इसलिए क्योंकि वहां निजी आर्थिक सौदों की संभावना अधिक होती है। इसके विपरीत, भारत, कनाडा, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे लोकतांत्रिक, नियम-आधारित देशों से उनका तालमेल कमजोर दिखाई देता है।

एडवर्ड लूस के अनुसार, व्हाइट हाउस आज ‘ट्रम्पिस्तान’ बन चुका है—एक निजी सत्ता ढांचा, जिसमें सभी पद केवल ट्रंप के प्रति निष्ठा पर आधारित हैं। घरेलू स्तर पर उन्होंने संघीय नौकरियों में कटौती, प्रवासन पर कठोरता, कानून-प्रवर्तन एजेंसियों को खुली छूट, नवीकरणीय ऊर्जा से दूरी और कर तथा स्वास्थ्य योजनाओं में बड़े बदलाव किए हैं। वैश्विक मोर्चे पर ट्रंप ने भारी टैरिफ लगाकर व्यापार व्यवस्था में अस्थिरता बढ़ाई है। चीन ने दुर्लभ खनिजों के नियंत्रण का इस्तेमाल कर ट्रंप के दबाव को कमजोर किया, और रूस अब तक यूक्रेन पर ट्रंप की शांति पहल से अप्रभावित है। लूस का कहना है कि ट्रंप की नीतियों ने चीन-रूस के बीच नजदीकी बढ़ाकर अमेरिका की दीर्घकालिक शक्ति को नुकसान पहुंचाया है।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




