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पढ़ी लिखी महिला अगर नौकरी कर गुजारा चला सकती है तो क्यों मांगती है गुजाराभत्ता: अदालत

नई दिल्ली . हेमलता कौशिकदिल्ली के सरकारी स्कूल में गेस्ट टीचर की नौकरी कर रही एक महिला की अंतरिम गुजाराभत्ता याचिका को अदालत ने बीते दिनों खारिज कर दिया। अदालत ने कहा है कि अगर महिला पढ़ी-लिखी है और वह नौकरी कर अपनी गुजर-बसर कर सकती है, तो वह बेवजह गुजाराभत्ते की मांग क्यों उठाती है। खासतौर पर ऐसी जगह कार्यरत हो, जहां वह अपने खर्च चलाने के काबिल है।कड़कड़डूमा स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एस के शर्मा की अदालत ने पूर्वी दिल्ली निवासी इस महिला की याचिका को नामंजूर करते हुए निचली अदालत के निर्णय को बरकरार रखा है। अदालत ने फैसले में कहा है कि कानून में सिर्फ पत्नी के लिए गुजाराभत्ते का प्रावधान नहीं है। अगर पति बेरोजगार है और वह किसी कारण काम करने के योग्य नहीं है तो वह भी कामकाजी पत्नी से जीवनयापन के लिए गुजाराभत्ते की मांग कर सकता है। अधिकांश गुजाराभत्ते की याचिकाएं महिलाओं की तरफ से इसलिए आती हैं, क्योंकि पहले अममून महिलाएं घरेलू होती थीं। पति के साथ विवाद की स्थिति में वह अपना खर्च उठाने के काबिल नहीं होती थीं। ऐसे में कानून में उनके लिए गुजाराभत्ते का नियम लागू किया गया, लेकिन इस मामले में पत्नी योग्य है, पढ़ी-लिखी है और अपने जीवनयापन के संसाधन जुटा रही है। ऐसे में महिला की गुजाराभत्ता याचिका न्यायसंगत नहीं है।पति ने आरटीआई से जुटाई जानकारीपत्नी द्वारा घरेलू हिंसा व अन्य आरोपों में शिकायतपत्र दाखिल किए जाने के बाद पति ने आरटीआई के माध्यम से उसके कामकाजी होने की जानकारी जुटाई। इस आरटीआई से महिला की मासिक आय भी सामने आई। आरटीआई के मुताबिक महिला को प्रतिमाह 20 हजार रुपये की तनख्वाह मिल रही है। अदालत ने माना है कि एक अकेली महिला के लिए 20 हजार रुपये की आमदनी पर्याप्त है। हालांकि महिला का कहना था कि उसे स्कूल से महज दस हजार रुपये तनख्वाह मिलती है। परन्तु अदालत ने कहा कि यह रकम उसके जीवनयापन के लिए उचित है।चार साल पहले हुई थी शादीशिकायतकर्ता महिला रेनूका(बदला हुआ नाम)की चार साल पहले प्रतिवादी रमेश से हुई थी। महिला का आरोप है कि पति व ससुराल वाले कम दहेज लाने के लिए उसे प्रताड़ित कर रहे थे। पति पिटाई भी करता था। ऐसे में पति व ससुराल वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के अलावा उसके पास कोई चारा था। महिला ने अदालत में दायर याचिका में खुद को बेरोजगार बताया था। उसका कहना था कि वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही है। परन्तु पति द्वारा जुटाए साक्ष्यों ने उसके कामकाजी होने की पुष्टि की।

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  • Web Title:Educated woman