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2 दिसंबर, 2020|6:10|IST

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संपादित-- शातिर : खाकी वर्दी पहन कोविड नियमों के उल्लंघन में चालान काटने लगा, गिरफ्तार

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- भारत नगर पुलिस ने आरोपी को नेम प्लेट के साथ गिरफ्तार किया

- सिविल डिफेंस में भर्ती के लिए किया था आवेदन, सिलाई थी वर्दी

नई दिल्ली। हेमंत कुमार पांडेय

भारत नगर पुलिस ने खाकी वर्दी पहनकर कोविड-19 नियमों के उल्लंघन पर चालान काटने के आरोप में उपेंद्र नाम के युवक को गिरफ्तार किया है। जांच में मालूम हुआ कि है आरोपी ने सिविल डिफेंस में भर्ती का फार्म भरा हुआ था और इसलिए वर्दी सिलाई थी।

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर रात अशोक विहार फेज-4 स्थित एसएफएस फ्लैट के गेट पर सिक्योरिटी गार्ड नरेंद्र कुमार ड्यूटी कर रहा था। इसी दौरान सफेद रंग की कार से खाकी वर्दी पहने युवक निकला। उसने गार्ड को अपना परिचय सिविल डिफेंस वालंटियर उपेंद्र कुमार के तौर पर दिया और कहा कि कार में साहब बैठे हैं जो रात में कोविड 19 से जुड़े उल्लंघन का चालान करने निकले हैं। दर्ज एफआईआर के अनुसार, उपेंद्र सीधे कॉलोनी में घुस गया और बाहर खड़े लोगों के चालान काटकर रुपये जमा करने लगा। इस दौरान उसने 14 से अधिक चालान काटे। रास्ते में एक युवती मिली, जिससे उपेंद्र ने मोबाइल नंबर का आदान-प्रदान किया। इस बीच सिक्योरिटी गार्ड को कुछ शक हुआ तो उसने उपेंद्र से पूछताछ करने की कोशिश की लेकिन वह कार से भाग निकला। इसके बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी गई।

फोन नंबर से मिला सुराग

पीड़ित की शिकायत पर भारत नगर थाने में धोखाधड़ी आदि की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई। साथ ही एसएचओ मोहर सिंह मीणा के नेतृत्व में टीम बनाई गई। एसआई आनंद सिंह को युवती से आरोपी उपेंद्र का मोबाइल नंबर मिल गया। फिर इसी नंबर के आधार पर पुलिस ने भलस्वा डेयरी इलाके में छापा मारकर शनिवार को उपेंद्र को गिरफ्तार कर कार बरामद कर ली।

एक माह से कर रहा था ठगी

पूछताछ में मालूम हुआ कि वारदात में प्रयुक्त कार उपेंद्र के पिता के नाम पर है जिनकी छह माह पहले मौत हो चुकी थी। आरोपी ने बताया कि उसने सिविल डिफेंस में भर्ती के लिए फॉर्म भरा हुआ था लेकिन अभी भर्ती नहीं हुई है। उसने सिविल डिफेंस वालों को चालान काटते हुए देखा तो उसे यह उपाय सूझा। इसके बाद वह अपने दोस्त रमित को अधिकारी बनाकर कार की पिछली सीट पर बैठाता और खुद चालान काटता। पुलिस अब रमित की तलाश में छापेमारी कर रही है।

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विजिलेंस अधिकारी बता एसएचओ से फोन पर केस की पैरवी की

नई दिल्ली। वरिष्ठ संवाददाता

विजिलेंस अधिकारी बनकर एक शख्स ने एसएचओ को फोन कर केस की जांच प्रभावित करने की कोशिश की। जांच में मामला सामने आने पर बवाना थाने में इस बाबत शनिवार को एफआईआर दर्ज की गई है।

जानकारी के अनुसार, एक साल पहले बवाना थाने में एक महिला ने पति और ससुराल के लोगों पर दहेज उत्पीड़न की एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस अभी जांच कर रही थी। इस बीच तत्कालीन एसएचओ इंस्पेक्टर धर्मदेव के मोबाइल पर एक शख्स का फोन आया। उसने खुद को बाराखंभा स्थित विजिलेंस विभाग का एसएचओ वीरेंद्र मोर बताया। साथ ही दर्ज एफआईआर की जांच को प्रभावित करने की कोशिश की। बात के दौरान इंस्पेक्टर धर्मदेव को शक हुआ तो उन्होंने इंस्पेक्टर वीरेंद्र मोर से खुद ही बात की जिससे पता चला कि उन्होंने कोई कॉल नहीं की थी। इसके बाद वीरेंद्र मोर ने अपने विभाग में पहले इसकी शिकायत की। फिर बवाना थाने में भी एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपी की तलाश की जा रही है।

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  • Web Title:Edited - Vicious Kovid wearing khaki uniform started cutting challan in violation of rules arrested