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Hindi News NCR नई दिल्लीसंपादित--कागज के गोदाम में लगी भीषण आग, श्रमिक की मौत

संपादित--कागज के गोदाम में लगी भीषण आग, श्रमिक की मौत

- काम के बाद गोदाम में ही सो जाता था श्रमिक - सीढ़ियों पर जली

संपादित--कागज के गोदाम में लगी भीषण आग, श्रमिक की मौत
हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीWed, 15 May 2024 08:45 PM
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- काम के बाद गोदाम में ही सो जाता था श्रमिक
- सीढ़ियों पर जली हालत में मिला उसका शव

नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। पूर्वी दिल्ली के शकरपुर इलाके में मंगलवार देर रात कागज के अवैध गोदाम में भीषण आग लगने से एक श्रमिक की जलकर मौत हो गई। आग की सूचना मिलने पर दमकल विभाग की आठ गाड़ियां मौके पर पहुंची। आग इतनी भीषण थी कि करीब सात घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद इसपर काबू पाया जा सका। इस दौरान कर्मचारी का शव जली हुई हालत में सीढ़ियों पर मिला। मृतक की पहचान 45 वर्षीय सत्येंद्र पासवान उर्फ पौवा के रूप में हुई है। वह मूलरूप से बिहार के नालंदा का रहने वाला था।

पुलिस ने लापरवाही बरतने का मामला दर्ज कर गोदाम मालिक मुन्ना कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। प्राथमिक जांच में शार्ट सर्किट की वजह से आग लगने की बात सामने आ रही है। क्राइम टीम, एफएसएल, बीएसईएस के अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया है।

पुलिस उपायुक्त अपूर्वा गुप्ता ने बताया कि मंगलवार देर रात करीब 1.00 बजे पुलिस को सूचना मिली कि एस-618, स्कूल ब्लॉक, शकरपुर में पेपर के गोदाम में आग लग गई। सूचना मिलते ही पुलिस के अलावा दमकल की गाड़ियां वहां पहुंच गई। यह गोदाम करीब 100 यार्ड में बना हुआ है और इसके भूतल, प्रथम तल पर दो कमरे हैं। मौके पर पहुंचे कर्मचारियों ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया। जांच में पता चला कि गोदाम का कर्मचारी सत्येंद्र वहीं सोता था। इस दौरान सत्येंद्र की बहन सारो देवी भी वहां पहुंच गई। उसका कहना था कि भाई से उसका संपर्क नहीं हो पा रहा है। बुधवार सुबह करीब सात बजे आग पर काबू पाया गया तो सत्येंद्र का शव मिला।

गोदाम में पहले भी आग लगी थी

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह गोदाम अवैध रूप से चलाया जा रहा था। इस गोदाम में सात-आठ साल पहले भी आग लगी थी। मयंक ने बताया कि इस गोदाम के अलावा अन्य कई आवासीय मकानों में भी छोटी छोटी फैक्ट्रियां या गोदाम बनाकर उनका व्यवसायिक रूप से इस्तेमाल किया जाता है। लोग बिना संबंधित एजेंसियों को जानकारी दिए इन मकानों में फैक्ट्री इत्यादि शुरू कर देते हैं। इसकी वजह से आए दिन भयंकर आग की चपेट में आने का खतरा बना रहता है।

यह हिन्दुस्तान अखबार की ऑटेमेटेड न्यूज फीड है, इसे लाइव हिन्दुस्तान की टीम ने संपादित नहीं किया है।