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1 नवंबर, 2020|3:49|IST

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संपादित::: शिकायती मेल में समस्या का पूरा विवरण दें छात्र

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नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता

डीयू में दूसरी कटऑफ के दाखिला से ठीक पहले दाखिला शाखा के अधिकारियों ने दाखिला संबंधी जानकारी को लेकर वेबिनार किया और इसे फेसबुक लाइव भी किया। एक घंटे के वेबिनार में हजारो लोग जुड़े व अपने सवाल डीयू के अधिकारियों से पूछा, जिसका जवाब डीयू के वालंटियर और दाखिला से जुड़े अधिकारियों ने दिया।

यह डीयू का छठां वेबिनार था। इसमें बताया गया कि छात्र डीयू वह सर्वोत्तम तीन विषय या सर्वोत्तम 4 विषय की गणना कैसे करें, विशेष कॉलेज एवं कोर्स का चयन किस प्रकार करें, फीस भुगतान में यदि कोई समस्या आ रही है तो उसका निदान किस प्रकार किया जाए और एक कॉलेज से नामांकन रद्द कर दूसरे कॉलेज में पुनः दाखिला किस प्रकार लिया जाए।

इस वेबीनार की शुरुआत में डीन प्रवेश शाखा प्रो शोभा बगई ने छात्रों को इस बात के लिए विशेष कर आगाह किया कि जो पहली कटऑफ में आ रहे थे उनका दाखिला दूसरी कटऑफ में नहीं हो सकता है। दूसरी कटऑफ का मतलब यह है कि वह पहली कटऑफ के नीचे और दूसरी कटऑफ तक के छात्रों के लिए ही है। जिन कालेजों ने कटऑफ में कोई परिवर्तन नहीं किया है वहां यह व्यवस्था लागू नहीं होती है। वहां जो छात्र पहली कटऑफ में आ रहे थे वह दूसरी कटऑफ में भी दाखिले के लिए योग्य होंगे।

डिप्टी डीन हनीत गांधी ने इस बात पर बल दिया कि जब आप शिकायत निवारण के लिए कोई ईमेल भेजते हैं तो उस मेल में अपना पूरा डिटेल लिखें यानी अपना विस्तृत विवरण दें। इसमे आपका फॉर्म नंबर, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, नाम, किस कॉलेज में दाखिला लेना चाहते हैं और क्या समस्या है, इन बातों का बहुत साफ साफ उल्लेख होना चाहिए। अन्यथा मेल आती है और उस मेल को समझ पाना ही मुश्किल होता है कि हम से किस तरह के उत्तर या सहायता की अपेक्षा छात्र रख रहा है। उसकी शिकायत ही समझ में नहीं आती है।

अंत में डीन प्रो शोभा बगई ने इस बात पर विशेष कर बल दिया कि आप जब दाखिला रद्द करते हैं या अपना नामांकन वापस लेते हैं तो कृपया बहुत सोच समझकर यह निर्णय लें। यह सुनिश्चित कर लें कि आप का दाखिला दूसरे कॉलेज में हो रहा है तभी आप अपना नामांकन वापस ले या रद्द कराएं। कई बार आप जल्दबाजी में अपना दाखिला वापस कर लेते हैं और आप दूसरे कॉलेज में भी दाखिला नहीं ले पाते हैं, ऐसी स्थिति में आपकी गलती के कारण हुई असुविधा के लिए दाखिला शाखा किसी तरह की कोई सहायता नहीं कर सकता है।

इस वेबीनार दाखिला शाखा के सदस्य डॉ सुमन कुमार ने छात्रों को विशेषकर इस बात के लिए आगाह किया कि वह किसी भी परिस्थिति में विश्वविद्यालय या कॉलेज जाने का प्रयास न करें। सारी सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं चाहे शिकायत निवारण हो या हेल्पलाइन तक सब कुछ कॉल एवं ईमेल के माध्यम से उपलब्ध हैं।

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  • Web Title:Edited Give full details of the problem in the complaint mail