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हरे और नीले कूड़ेदान से साफ होगी दिल्ली

दिल्ली हरे और नीले कूड़ेदान से साफ होगी। हरे कूड़ेदान में गीला कूड़ा और नीले कूड़ेदान में सूखा कचरा डालने के लिए दिल्ली-एनसीआर के सभी स्थानीय निकाय अभियान छेड़ेंगे। एनडीएमसी की पहल पर पर्यावरण दिवस के मौके पर 5 जून को यह अभियान शुरू होगा। राजधानी में अभी तक कचरे को घरों से एकत्र करके उसे लैंडफिल साइट पर डाला जा रहा है, लेकिन अब सूखे और गीले कचरे को कॉलोनी के स्तर पर ही अलग किया जाएगा। सूखे कचरे को रीसाइकिल कर दोबारा इस्तेमाल में लाया जाएगा, जबकि गीले कचरे से खाद बनाई जाएगी। एनडीएमसी प्रवक्ता ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर तालकटोरा स्टेडियम से इस अभियान की शुरुआत की जाएगी। इसमें एनडीएमसी, तीनों नगर निगम, दिल्ली छावनी परिषद, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद के निगम, डीडीए, पीडब्लूडी भी शामिल होंगे। कूड़ा उठाने के लिए हरे और नीलेऑटो टिप्पर: कूड़ा उठाने के लिए एनडीएमसी ने 28 ऑटो टिप्पर को नीले और हरे रंग में रंगा है। इसमें दो अलग-अलग खाने बनाए गए हैं, जिसमें लोग सूखा और गीला कचरा अलग-अलग डाल सकें। लोगों को ऑटो में ध्वनिविस्तारक यंत्रों की मदद से इसके बारे में बताया भी जा रहा है। पांच कॉलोनियों में चल रहा प्रयोग: एनडीएमसी की पांच कॉलोनियों रविन्द्र नगर, काका नगर, गोल्फ लिंक, जोर बाग और चाणक्यपुरी में तीन हजार से ज्यादा परिवारों को सूखे और गीले कचरे को दो अलग-अलग कूड़ेदान में डालने के लिए जागरूक किया जा रहा है। जागरूक करने की जरूरत देवलोक कॉलोनी मंदिर मार्ग आरडब्लूए के अध्यक्ष टेकचंद बागड़ी ने बताया कि कुछ जगहों पर हरे और नीले रंग के कूड़ेदान तो लगा दिए गए हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में लोग एक की कूड़ेदान में हर तरह का कूड़ा डाल रहे हैं। दक्षिणी निगम की मेयर ने शुरू किया अभियान दक्षिणी निगम की मेयर कमलजीत सहरावत ने बुधवार को नजफगढ़ जोन कार्यालय में हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग डालने से निगम क्षेत्र में कचरे की समस्या को पूरी तरह दूर किया जा सकेगा। मुहिम से ऐसे जुड़ सकते हैं: इस मुहिम से जुड़ने के लिए एनडीएमसी वेबसाइट ndmc.gov.in और मोबाइल एप एनडीएमसी311 पर यह सुविधा उपलब्ध करा है। उत्तरी नगर निगम की मेयर हेल्पलाइन 96430 96430 और नियंत्रण कक्ष 1266 पर शिकायत की जा सकती है। वहीं दक्षिणी निगम भी जल्द स्वच्छ एप जारी करेगा। रोजाना नौ हजार मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है दिल्ली में हर दिन नौ हजार मीट्रिक टन के लगभग कचरा निकलता है। इस कारण भलस्वा, गाजीपुर और ओखला लैंडफिल साइट कूड़े के पहाड़ में तब्दील हो चुकी हैं। इन साइटों की मियाद भी खत्म हो चुकी है, लेकिन जगह नहीं मिलने के कारण यहां कूड़ा डाला जा रहा है। ओखला साइट पर ठोस कचरे को जलाकर बिजली बनाई जा रही है, लेकिन पर्यावरण के लिहाज से यह उपयुक्त नहीं है। इसलिए गीले और सूखे कचरे को प्राथमिक स्तर पर अलग कर उसका उपयोग करने की योजना पर काम किया जा रहा है। हर दिन कितना निकलता है कचरा: उत्तरी निगम---3200 मीट्रिक टन दक्षिणी निगम-2800 मीट्रिक टन पूर्वी निगम---2500 मीट्रिक टन एनडीएमसी --300 मीट्रिक टन छावनी परिषद---70 मीट्रिक टन

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