Delhi News: वेतन बढ़ोतरी, मेडिकल सुविधा की मांग के लिए बस ड्राइवरों ने की हड़ताल
Delhi News: - बुराड़ी, दिलशाद गार्डन, केशाेपुर, ग्रेटर कैलाश समेत कई डिपो से मंगलवार सुबह से नहीं हुआ बसों का संचालन - बसों का संचालन न होने से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ानई दिल्ली, प्रमुख...

Delhi News: - बुराड़ी, दिलशाद गार्डन, केशाेपुर, ग्रेटर कैलाश समेत कई डिपो से मंगलवार सुबह से नहीं हुआ बसों का संचालन - बसों का संचालन न होने से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा
नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता।
डीटीसी और परिवहन विभाग के बेड़े में शामिल प्राइवेट ऑपरेटर्स की बसों के ड्राइवरों ने मंगलवार सुबह हड़ताल कर दी। वेतन बढ़ोतरी, मेडिकल सुविधा, सालाना बोनस और ओवर टाइम का भुगतान समेत कई मुद्दों को लेकर ड्राइवर काम बंद कर सड़कों पर उतर आए।
बंद होने वाले डिपो
बुराड़ी, दिलशाद गार्डन, केशोपुर, ग्रेटर कैलाश, झिलमिल समेत अधिकांश डिपो में हड़ताल हो जाने और बसों के सड़कों पर न निकलने की वजह से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्हें मेट्रो, ऑटो और अन्य वैकल्पिक परिवहन साधनों से यात्रा करनी पड़ी।
ड्राइवरों का कहना है कि 10-15 साल का अनुभव होने के बावजूद उन्हें अकुशल श्रमिकों की तरह दैनिक वेतन दिया जा रहा है। उन्हें प्रतिदिन 862 रुपये वेतन दिया जा रहा है, जबकि इसी काम के लिए डीटीसी के स्थायी ड्राइवरों को 50-60 हजार से ज्यादा वेतन दिया जा रहा है। उनका कहना है कि इन बसों के ड्राइवरों को न तो मेडिकल सुविधा दी जा रही है और न ही ओवर टाइम का भुगतान किया जा रहा है। 8 घंटे की बजाय 10 से 11 घंटे ड्यूटी कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि ड्राइवरों ने अपनी मांगों को लेकर बस ऑपरेटर्स और डिपो के अधिकारियों से कई बार वार्ता की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद मंगलवार से हड़ताल का फैसला लिया गया।
बसों की आवाजाही पर असर
दिल्ली के कुछ डिपो में सुबह की शिफ्ट में ड्राइवर बसों को लेकर निकल गए थे, लेकिन दोपहर तक सभी डिपो में हड़ताल का संदेश पहुंच गया। हड़ताली ड्राइवरों ने अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित हो रहीं बसों को भी रुकवा दिया। इसके चलते बुराड़ी, मयूर विहार फेज-3 समेत कई इलाकों में सड़कों पर ही बसों की कतारें लग गईं। यात्रियों को बीच सफर में बसों से उतरकर पैदल आगे जाना पड़ा। इसकी वजह से मंगलवार सुबह नौकरीपेशा लोग ड्यूटी पर पहुंचने में लेट हो गए।
हड़ताल की चेतावनी
ड्राइवरों का कहना है कि अब हड़ताल कर दी है तो तब तक जारी रहेगी, जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी। उनका कहना है कि वे खुद भी यात्रियों को परेशान नहीं करना चाहते हैं, लेकिन बस ऑपरेटर्स और सरकार मिलकर ड्राइवरों का शोषण कर रहे हैं। महज 862 रुपये प्रतिदिन की दिहाड़ी पर काम करना संभव नहीं है, जबकि दिल्ली में महंगाई अन्य शहरों की अपेक्षा ज्यादा है। स्कूल, मकान का किराया, रोजमर्रा का सामान सभी की कीमतें आसमान छू रही हैं।
यूनियन का बयान
कुशल और तकनीकी रूप से दक्ष ड्राइवरों को अकुशल श्रमिकों वाला वेतन दिया जा रहा है। इसको लेकर यूनियन भी कई बार मांगें उठा चुकी हैं। हड़ताली ड्राइवरों को यूनियन का पूरा समर्थन है। - ललित चौधरी, अध्यक्ष, डीटीसी कर्मचारी एकता यूनियन


