इस हफ्ते बाजार में तेज हलचल रहेगी
नई दिल्ली में घरेलू शेयर बाजार में पिछले सप्ताह बड़ी गिरावट आई। पश्चिम एशिया संकट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण बाजार में और गिरावट की आशंका है। बीएसई सेंसेक्स 2.91% गिरकर 78,918.90 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी-50 भी 2.89% नीचे आया। विदेशी निवेशकों ने 21,000 करोड़ रुपये निकाले।

नई दिल्ली, एजेंसी। घरेलू शेयर बाजारों में बीते सप्ताह रही बड़ी गिरावट के बाद आने वाले सप्ताह में एक बार फिर पश्चिम एशिया संकट का दबाव हावी रह सकता है। यदि सैन्य टकराव जारी रहा और कच्चे तेल की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल बना रहा तो बाजार में और तेज गिरावट देखने को मिल सकती है। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले और उसकी जवाबी कार्रवाई से पश्चिम एशिया में स्थिति काफी बिगड़ गई है। कच्चे तेल की कीमत आसमान छू रही है, वैश्विक व्यापार की आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई है और अनश्चितिता अपने चरम पर है।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 8.52 प्रतिशत उछलकर 92.69 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है।पिछले सप्ताह तीन मार्च को होली के अवकाश के कारण शेयर बाजारों में चार दिन ही कारोबार हुआ। गुरुवार को छोड़कर अन्य तीन दिन बाजार में बिकवाली हावी रही। पूरे सप्ताह के दौरान बीएसई सेंसेक्स 2,368.29 अंक (2.91 प्रतिशत) टूटकर सप्ताहांत पर 78,918.90 अंक पर बंद हुआ। यह 17 अप्रैल 2025 के बाद का इसका निचला स्तर है। इसी तरह, निफ्टी-50 सूचकांक भी 728.20 अंक यानी 2.89 फीसदी गिरकर 24,450.45 अंक पर आ गया, जो 29 अगस्त 2025 के बाद का निचला स्तर है। पिछले हफ्ते हुई इस तेज़ बिकवाली से निवेशकों को 15 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ।बॉक्सविदेशी निवेशकों ने निकाले 21,000 करोड़ रुपयेविदेशी निवेशकों ने पश्चिम एशिया संकट के बीच पिछले चार कारोबारी सत्रों के दौरान भारतीय इक्विटी से 21,000 करोड़ रुपये निकाले हैं। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) द्वारा फरवरी में भारतीय इक्विटी में 22,615 करोड़ रुपये के निवेश के बाद यह ताजा बिकवाली हुई है। फरवरी का निवेश पिछले 17 महीनों में सबसे अधिक मासिक लिवाली थी। इससे पहले एफपीआई लगातार तीन महीनों तक शुद्ध विक्रेता रहे थे। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार उन्होंने जनवरी में 35,962 करोड़ रुपये, दिसंबर में 22,611 करोड़ रुपये और नवंबर में 3,765 करोड़ रुपये निकाले थे। ताजा निकासी 2-6 मार्च के दौरान हुई, जब एफपीआई ने 'कैश मार्केट' में लगभग 21,000 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे। उल्लेखनीय है कि तीन मार्च को होली के उपलक्ष्य में बाजार बंद थे।
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