नायरा को घरेलू कच्चे तेल की आपूर्ति रोकी
मुंबई में आईटी कंपनियों के दबाव के कारण घरेलू शेयर बाजार में गिरावट आई है। अगले सप्ताह आयात-निर्यात के आंकड़े जारी होंगे, जिससे बाजार की निवेश धारणा प्रभावित हो सकती है। बीएसई का सेंसेक्स 953.64 अंक गिरकर 82,626.76 अंक पर बंद हुआ है। आईटी कंपनियों में प्रमुख गिरावट दर्ज की गई है।

मुंबई, एजेंसी। आईटी कंपनियों पर दबाव से घरेलू शेयर बाजारों में पिछले सप्ताह गिरावट देखी गई और अब आने वाले सप्ताह में निवेशकों की नजर वैश्विक कारकों पर ज्यादा रहेगी। घरेलू स्तर पर अगले सप्ताह आयात-निर्यात के आंकड़े जारी होने हैं। इससे बाजार में निवेश धारणा प्रभावित हो सकती है। निवेशक वैश्विक कारकों से संकेत लेकर अपनी रणनीति तय कर सकते हैं। बीते सप्ताह आईटी कंपनियों में बड़ी गिरावट देखी गयी। इसका प्रमुख कारण एक अमेरिकी कंपनी द्वारा एआई समर्थित एक ऐसे टूल के विकास की खबर है जिससे भारतीय आईटी कंपनियों को मिलने वाले ऑर्डर के प्रभावित होने की आशंका है।
बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 953.64 अंक (1.14 प्रतिशत) की साप्ताहिक गिरावट में शुक्रवार को 82,626.76 अंक पर बंद हुआ। इसमें पहले दो दिन तेजी और बाद के तीन दिन गिरावट रही। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की नफ्टिी-50 सूचकांक भी 222.60 अंक यानी 0.87 फीसदी उतरकर सप्ताहांत पर 25,471.10 अंक पर रहा। मझौली कंपनियों के निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक में 0.37 प्रतिशत की गिरावट रही जबकि छोटी कंपनियों का निफ्टी स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.56 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। सेंसेक्स में सबसे ज्यादा साप्ताहिक नुकसान उठाने वाली चारों कंपनियां आईटी क्षेत्र की रहीं। इंफोसिस का शेयर 9.12 प्रतिशत, एचसीएल टेक्नोलॉजीज का 8.70 प्रतिशत, टीसीएस का 8.48 प्रतिशत और टेक महद्रिंा का 5.18 प्रतिशत गिर गया। एफएमसीजी कंपनियों में हिंदुस्तान यूनीलिवर का शेयर 4.89 फीसदी और आईटीसी का 3.82 फीसदी गिर गया जबकि ट्रेंट में 3.22 प्रतिशत की तेजी रही।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।



