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हिंदी न्यूज़ NCR नई दिल्लीएहतियात बरतकर प्रदूषण से जुड़ीं बीमारियों पर 76974 करोड़ बचा सकते हैं दिल्लीवाले

एहतियात बरतकर प्रदूषण से जुड़ीं बीमारियों पर 76974 करोड़ बचा सकते हैं दिल्लीवाले

हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीNewswrap
Thu, 02 Dec 2021 06:30 PM
एहतियात बरतकर प्रदूषण से जुड़ीं बीमारियों पर 76974 करोड़ बचा सकते हैं दिल्लीवाले

दिल्ली में वायु प्रदूषण से संबंधित बीमारियों से पीड़ित लोग अगर सरकारी वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान एजेंसी सफर की सलाह माने तो स्वास्थ्य व्यय पर सालाना 7,694 करोड़ रुपये तक की बचत की जा सकती है। यह दावा एक अध्ययन में किया गया है।

इसी तरह अपेक्षाकृत बेहतर वायु गुणवत्ता वाले शहर पुणे में प्रदूषण से पीड़ित लोगों के चिकित्सा व्यय पर 948 करोड़ रुपये बचाए जा सकते हैं। अध्ययन में कहा गया है कि दिल्ली में वायु प्रदूषण से संबंधित बीमारियों से पीड़ित आबादी का पांच प्रतिशत हिस्सा सफर की सलाह का पालन करे तो स्वास्थ्य व्यय पर 1,096 करोड़ रुपये की वार्षिक बचत की जा सकती है।

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की 2010 में शुरू वायु गुणवत्ता और मौसम पूर्वानुमान तथा अनुसंधान प्रणाली (सफर) वास्तविक समय में वायु गुणवत्ता पर स्थान-विशिष्ट की जानकारी प्रदान करती है। यह संस्था देश के चार प्रमुख शहरों दिल्ली, मुंबई, पुणे और अहमदाबाद के लिए एक से तीन दिन पहले तक का पूर्वानुमान बताती है। सफर की टीम में शामिल सुवर्णा टिकले, इशिका इल्मे और प्रो. गुफरान बेग ने अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका रीजनल इकोनॉमिक डेवलपमेंट रिसर्च में भारत के आर्थिक स्वास्थ्य बोझ को कम करने में सफर वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान ढांचे और सलाहकार सेवाओं का प्रभाव शीर्षक से यह शोध पत्र लिखा है।

सार्वजनिक ज्ञान और चेतावनी आर्थिक विकास के महत्वपूर्ण घटक

बेग ने कहा कि हमारे निष्कर्ष इस विचार का समर्थन करते हैं कि सार्वजनिक ज्ञान और प्रारंभिक चेतावनी स्वास्थ्य व आर्थिक विकास के महत्वपूर्ण घटक हैं। इस अध्ययन के अनुसार सफर को वायु प्रदूषण से पीड़ित लोगों द्वारा खर्च किए गए कुल धन का 11-14 प्रतिशत बचाने का श्रेय दिया जाता है। इस अध्ययन में वायु प्रदूषण से संबंधित फेफड़े के रोग (अस्थमा, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिसऑर्डर-सीओपीडी और अन्य संबंधित बीमारियों) में लागत पर बचत के बारे में जानकारी दी गई है।

जागरूकता बढ़ी तो बीमारियों पर खर्च कम घटेगा

अध्ययन रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली और पुणे में वायु प्रदूषण से संबंधित सभी बीमारियों पर औसत लागत क्रमशः 7,694 करोड़ रुपये और 948 करोड़ रुपये वार्षिक है। बेग ने कहा कि अगर हम 5 से 10 प्रतिशत आबादी के बीच जागरूकता बढ़ा सके और ज्यादा से ज्यादा लोगों को खराब वायु गुणवत्ता वाले दिनों में सफर की तीन दिवसीय प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के आधार पर उपाय करने के लिए प्रेरित कर सके तो एक साल में दिल्ली में यह लाभ बढ़कर 2,192 करोड़ रुपये और पुणे में 200 करोड़ रुपये होने की संभावना है।

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