
दिल्ली शब्दोत्सव में दूसरे दिन उमड़े साहित्य प्रेमी
नई दिल्ली में मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में दिल्ली शब्दोत्सव का आयोजन हो रहा है। दूसरे दिन, साहित्य, कला और विचार-विमर्श से जुड़े कार्यक्रम हुए। 100 से अधिक वक्ता शामिल हुए। चर्चा के प्रमुख विषयों में राष्ट्रवाद और संस्कृति शामिल थे। पुस्तक 'श्री राम और तमिलगम: एक अटूट बंधन' का विमोचन भी हुआ।
नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में चल रहे तीन दिवसीय दिल्ली शब्दोत्सव के दूसरे दिन लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। शनिवार को स्टेडियम के हर पंडाल और आयोजन में लोगों की काफी संख्या रही। महोत्सव के दूसरे दिन साहित्य, कला, विचार-विमर्श और पुस्तक विमोचन जैसे विभिन्न कार्यक्रम हुए। दिल्ली सरकार की हिंदी अकादमी और सुरुचि प्रकाशन के सहयोग से आयोजित हो रहे कार्यक्रम में देशभर से 100 से अधिक प्रतिष्ठित वक्ता हिस्सा ले रहे हैं। शनिवार को आयोजित विभिन्न सत्रों में राष्ट्रवाद, संस्कृति और भारतीय विरासत पर चर्चा ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। दिन का मुख्य आकर्षण वंदे मातरम् और बंगाल सत्र रहा।
पश्चिम बंगाल की वर्तमान राजनीतिक हलचल के मद्देनजर इस सत्र में लोगों की विशेष रुचि दिखी। दूसरे प्रमुख सत्र दक्षिणपथ में मॉडरेटर हर्षवर्धन त्रिपाठी के साथ भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी और नेता माधवी लता ने हिस्सा लिया। चर्चा दक्षिण भारत में भाजपा के विस्तार और चुनौतियों पर केंद्रित रही। पुस्तक विमोचन और कवि सम्मेलन दिन का एक और आकर्षण पुस्तक श्री राम और तमिलगम: एक अटूट बंधन का विमोचन रहा। पुस्तक के लेखक डीके हरि और डीके हेमा हरि हैं। यह पुस्तक रामायण और तमिल संस्कृति के गहन संबंध को उजागर करती है। शाम को कवि सम्मेलन आयोजित हुआ, जिसमें सूर्यप्रकाश, जितेंद्र जीत, शिवम् सिंह, सुमेधा, विशाल, अभिनव सिंह, कौशल गोंडवी, आदित्य भट्टर और कृष्ण कर्तव्य जैसे कवियों ने भाग लिया।

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