
दिल्ली शब्दोत्सव ऐतिहासिक मंच, हर साल होगा आयोजित: रेखा गुप्ता दिल्ली शब्दोत्सव ऐतिहासिक मंच, हर साल होगा आयोजित: रेखा गुप्ता
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 'दिल्ली शब्दोत्सव 2026' का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव भारत की संस्कृति को सहेजने और आधुनिकता के साथ जोड़ने का एक माध्यम है। इस कार्यक्रम में चालीस पुस्तकों का विमोचन और साहित्यिक विमर्श होगा, जो देशभर के विचारकों और कलाकारों को एक मंच पर लाएगा।
इस साहित्यिक मंच पर भारत का अतीत और वर्तमान अपने भविष्य से संवाद कर रहा है: रेखा गुप्ता नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में तीन दिवसीय 'दिल्ली शब्दोत्सव 2026' के उद्घाटन समारोह में संबोधन करते हुए कहा कि विज्ञान के साथ संस्कार भी जरूरी है तथा हर हाल में अपनी जड़ों के साथ जुड़े रहना आवश्यक है। दिल्ली शब्दोत्सव ऐतिहासिक मंच है यह हर साल आयोजित होगा। राजधानी में 2 से 4 जनवरी तक तक आयोजित हो रहे शब्दोत्सव 2026 के कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर उन्होंने कहा कि ऐसा भव्य आयोजन दल्लिी में किसी सरकारी मंच से कभी नहीं हुआ।
इस मंच से देख पा रही हूं कि भारत अपने अतीत, वर्तमान और भवष्यि से एक साथ संवाद कर रही है। दिल्ली में यह कार्यक्रम होना सच में मायने रखता है। इस कार्यक्रम से लोगों का जुड़ना भारत के बढते कदम को दिखाता है। उन्होंने कहा कि भारत पर अनेकों बार हमले हुए लेकिन वह फिर से खड़ा हुआ है। हमारी सभ्यता संस्कृति पर अनेकों बार प्रहार किये गये लेकिन हम मजबूती के साथ खड़े रहे क्योंकि हमारी संस्कृति की जड़ें मजबूत थी। हमें जड़ों से जुड़े रहना सबसे आवश्यक है। यह महोत्सव आधुनिकता की राह पर बढते हुए अपने बच्चों को संस्कृति से जुड़ने का माध्यम है । उन्होंने कहा कि दिल्ली में पिछले दस साल में हर राज्य के उत्सव को मनाने का काम किया है। पूरी दिल्ली में अलग अलग राज्यों का उत्सव धूमधाम से मनाया गया है। इस कार्यक्रम में चालीस पुस्तकों का विमोचन होना हमारी विचारों को मजबूत करने का अच्छा माध्यम है। हर युग में हमने विचारों को महत्व दिया है। हमने अपने विचारों को छोड़ा नहीं और विवेक को थामे रहे। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि इस उत्सव में भारत की संस्कृति का लघु रूप को प्रदर्शित किया जा रहा है। प्राचीन काल में विश्वभर के छात्र अपना ज्ञान बढाने के लिए हमारे देश में आते थे। वर्तमान में नई शक्षिा नीति के माध्यम से शक्षिा को संस्कृति और स्किल के साथ जोड़ने का काम किया जा रहा। शब्दोत्सव के माध्यम में पूरे देश की संस्कृति पर चर्चा की जायेगी। दिल्ली की सरकार पिछले दस महीने में दिल्ली की संस्कृति के प्रति लोगों को जागरूक करने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साहित्यिक मंच पर भारत का अतीत और वर्तमान अपने भविष्य से संवाद कर रहा है। यह हमारी ऐतिहासिक यात्रा का उत्सव है, जो वैदिक काल से डिजिटल युग तक आ पहुंची है। आज के समय में जब यह प्रश्न बार-बार उठता है कि युवा पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों और साहित्यिक परंपराओं से कैसे जुड़ेगी, तो उसका उत्तर है- ‘शब्दोत्सव’। 2 से 4 जनवरी तक आयोजित यह साहित्य महोत्सव देश भर से पधारे प्रतिष्ठित विचारकों, कलाकारों, साहित्यकारों और संस्कृतिकर्मियों द्वारा समसामयिक विषयों पर राष्ट्रीय विमर्श, कवि सम्मेलन तथा पुस्तकों के विमोचन का एक प्रभावशाली मंच बनेगा।

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