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 7 हजार किलोमीटर पानी की पुरानी पाइपलाइन बदलेगा जल बोर्ड

7 हजार किलोमीटर पानी की पुरानी पाइपलाइन बदलेगा जल बोर्ड

संक्षेप:

-जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली के प्रत्येक घर को 24 घंटे पानी उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्धनई दिल्ली प्रमुख संवाददाता राजधानी में गंदे पानी की शिकायत को खत्म करने के लिए दिल्ली जल...

Jan 09, 2026 05:06 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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राजधानी में गंदे पानी की शिकायत को खत्म करने के लिए दिल्ली जल बोर्ड द्वारा 7 हजार किलोमीटर पुरानी पाइप लाइन अलगे तीन वर्षों में बदलेगी। यह घोषणा जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने शुक्रवार को विधानसभा में की। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कुल 16 हजार किलोमीटर पानी की पाइपलाइन है जिसमें से 6,941 किलोमीटर पाइपलाइन को बदला जाएगा। इनमें से लगभग 5200 किलोमीटर पानी की पाइपलाइन 30 वर्ष से ज्यादा जबकि लगभग 2700 किलोमीटर पाइप लाइन 20 से 30 वर्ष पुरानी हैं। इनके बदलने से गंदे पानी की शिकायत दूर होगी और जल रिसाव में भी कमी आएगी। प्रवेश वर्मा ने विधानसभा में कहा कि दिल्ली में लंबे समय से स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने की दिशा में गंभीरता से काम नहीं किया गया।

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राजधानी में गंदे पानी, पाइपलाइन लीकेज और अनियमित आपूर्ति की समस्या किसी एक दिन की नहीं, बल्कि पिछली सरकारों की वर्षों की उपेक्षा, अनिर्णय और देरी का परिणाम है। लेकिन दिल्ली सरकार और जल बोर्ड भारत सरकार के सहयोग से, हर घर तक स्वच्छ, समान और निरंतर 24 घंटे जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार को एक जर्जर और उपेक्षित जल ढांचा विरासत में मिला है। लेकिन फर्क यह है कि हम जिम्मेदारी से भाग नहीं रहे, समाधान दे रहे हैं। जल मंत्री ने सदन को बताया कि दिल्ली में पानी की पुरानी पाइप लाइन के चलते जगह-जगह रिसाव, पाइप फटना, दूषित पानी और 55 फीसदी तक नॉन-रेवेन्यू वाटर की हानि हो रही है। लेकिन सरकार द्वारा तमाम ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं जिससे आने वाले समय में प्रत्येक घर को 24 घंटे पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा। 2011 से प्रस्तावित वजीराबाद एवं चंद्रावल प्रोजेक्ट लटका रहा प्रवेश वर्मा ने कहा की 2011 से प्रस्तावित वजीराबाद एवं चंद्रावल जल सुधार परियोजना पिछली सरकार की अनिर्णयता, बार-बार टेंडर रद्द करने और फंडिंग एजेंसियों से टकराव के कारण वर्षों तक लटकी रहीं। चंद्रावल प्रोजेक्ट में 96 वर्ग किमी क्षेत्र में 22 लाख आबादी को इससे लाभ मिलना था। वर्ष 2020 में इसका टेंडर रद्द हुआ। वर्ष 2021 में फाइनेंशियल बिड खुलने के बावजूद कार्य आवंटन नहीं हुआ। जाइका (जेआईसीए) गाइडलाइंस का उल्लंघन किया गया। उधर वजीराबाद परियोजना से 123 वर्ग किलोमीटर में रहने वाली 30 लाख आबादी को लाभ मिलता। इस कार्य के नहीं होने से लागत 2243 करोड़ से बढ़कर 3715 करोड़ रुपये पहुंच गई। 22 अक्टूबर 2020 को एडीबी ने परियोजना से फंडिंग वापस ली और पूरा प्रोजेक्ट ठप हो गया। 11 महीनों में सरकार ने किए निर्णायक बदलाव 7,212 करोड़ रुपये के 94 बड़े प्रोजेक्ट मंज़ूर जिनसे पानी की पाइपलाइन, सीवेज नेटवर्क और एसटीपी पर हो रहा काम चंद्रावल प्रोजेक्ट को नई जान देने के लिए नवंबर 2025 में शेष पैकेज आवंटित किया गया 1044 किमी नई पाइपलाइन डालने की मंजूरी, 21 अंडरग्राउंड रिज़र्वायर वजीराबाद प्रोजेक्ट पुनर्जीवित किया एडीबी के सहयोग से 3715 करोड़ की योजना जिससे 1697 किमी नई पाइपलाइन, 14 यूजीआर बनेंगे जिससे 11 विधानसभा क्षेत्रों को लाभ होगा अनधिकृत कॉलोनियों और गांवों तक पानी पहुंचाया • 262 नए ट्यूबवेल चालू कए • 200 किमी नई पाइपलाइन बिछाई • कई अनधिकृत कॉलोनियों में पहली बार नियमित जल आपूर्ति नए यूजीआर बनाए • पल्ला – 37 एमएलडी • बिजवासन – 9 एमएलडी • सिरसपुर – 12 एमएलडी सेप्टिक टैंक सफाई अब मुफ्त जल मंत्री ने कहा कि जब तक हर घर सीवर से नहीं जुड़ता,तब तक सेप्टिक टैंक की सफाई पूरी तरह मुफ्त होगी। इसके लिए 300 नए सरकारी टैंकर को सरकार द्वारा लगाया जाएगा। इससे प्राइवेट टैंकर माफिया से मुक्ति होगी जो घरों से सीवेज उठाकर उसे नाले में डालते थे जो यमुना को गंदा करता था। उनके इस कदम से यमुना और भूजल को प्रदूषण से बचाया जा सकेगा। पानी की उपलब्धता बढ़ाने की बहु-स्तरीय रणनीति • हिमाचल प्रदेश से 113 एमजीडी अतिरिक्त पानी पर बातचीत • हरियाणा व उत्तर प्रदेश से 51 क्यूसेक जल के लिए चर्चा • मुनक नहर और डीएसबी कैनाल की लाइनिंग • आईआईटी रुड़की से कंड्यूट पाइपलाइन पर स्टडी • द्वारका वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता में 20 एमजीडी की वृद्धि चार विधायकों को किया गया निलंबित दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि सदन की कार्यवाही में निरंतर बाधा उत्पन्न करने और सदन की मर्यादा का उल्लंघन करने के कारण विपक्ष के सदस्य सोम दत्त, जरनैल सिंह, संजीव झा तथा कुलदीप कुमार को बाकी सत्र के लिए सदन से निलंबित किया जाता है। अध्यक्ष द्वारा लिया गया यह निर्णय सदन की गरिमा, अनुशासन एवं अधिकारों की रक्षा करने के उद्देश्य से तथा दिल्ली विधानसभा की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली के प्रावधानों के पूर्णतः अनुरूप लिया गया है।