
डीयू शिक्षकों ने कुलपति कार्यालय के बाहर दिया धरना
नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) ने गुरुवार कोडीयू शिक्षकों ने कुलपति कार्यालय के बाहर दिया धरना
नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) ने गुरुवार को शिक्षकों की सुरक्षा, सम्मान और न्यायपूर्ण सेवा शर्तों को लेकर कुलपति कार्यालय के बाहर धरना दिया। विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के हजारों शिक्षक इस प्रदर्शन में शामिल हुए और डूटा की मांगों का समर्थन किया। धरने को संबोधित करते हुए डूटा अध्यक्ष प्रो.वी.एस. नेगी ने कहा कि शिक्षकों की गरिमा और सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति (एनईपी) से जुड़े यूजीसीएफ ढांचे की तुरंत समीक्षा जरूरी है,क्योंकि इसके गलत क्रियान्वयन का असर शिक्षकों और छात्रों दोनों पर पड़ रहा है। उन्होंने पीएचडी/एमफिल इंक्रीमेंट और पिछली सेवा को जोड़ने जैसे मुद्दों को भी बेहद अहम बताया।
डूटा सचिव प्रो. बिमलेन्दु तिर्थंकर ने पदोन्नति में देरी, अस्थायी शिक्षकों की वेतन सुरक्षा और कॉलेज शिक्षकों के लिए डब्ल्यूयूएस हेल्थ सेंटर की सुविधाओं जैसे मुद्दों को उठाया। उपाध्यक्ष भूपेंद्र कुमार ने कहा कि एनएफएस के कारण आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के साथ लगातार अन्याय हो रहा है। उन्होंने काले समिति की सिफारिशों को लागू करने और यूजीसी विनियम 2018 के तहत समान स्क्रीनिंग मानदंड की मांग की। धरने में मौजूद एसी और ईसी के निर्वाचित सदस्यों ने कॉलेज खेल समितियों में बाहरी प्रतिनिधित्व के विश्वविद्यालय आदेश का विरोध किया। उन्होंने तदर्थ और अतिथि नियुक्तियों पर लगाए गए प्रतिबंधों को भी शिक्षण कार्य के लिए नुकसानदायक बताया। लाइब्रेरियन और शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की लंबित सेवा शर्तों और पदोन्नति की समस्याओं का मुद्दा भी उठाया गया। अंत में, डूटा पदाधिकारियों ने कुलपति को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि अगर विश्वविद्यालय ने इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

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