Hindi NewsNcr NewsDelhi NewsDelhi University Sets Record with 941 Question Papers and 86 000 Students in Single Exam Session
डीयू में विद्यार्थियों और पेपरों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

डीयू में विद्यार्थियों और पेपरों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

संक्षेप:

दिल्ली विश्वविद्यालय ने एक ही परीक्षा सत्र में 941 प्रश्नपत्रों का आयोजन किया और लगभग 86,000 विद्यार्थियों ने भाग लिया। पिछले वर्ष की तुलना में यह संख्या रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्शाती है। परीक्षा में 10,000 से अधिक शिक्षकों ने भाग लिया और 15,000 प्रश्नपत्र तैयार किए गए। यह परीक्षा प्रणाली की क्षमता और संचालन का उत्कृष्ट उदाहरण है।

Jan 01, 2026 05:13 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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एक ही परीक्षा सत्र में 941 प्रश्नपत्रों का आयोजन और करीब 86 हजार विद्यार्थियों की भागीदारी की नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता दिल्ली विश्वविद्यालय में साल रिकार्ड संख्या में छात्रों ने परीक्षा दी है। डीयू की परीक्षा शाखा के अनुसार पिछले साल में विद्यार्थियों और पेपरों की संख्या में रिकार्ड बढोतरी हुई है। डीयू से प्राप्त जानकारी के अनुसार स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग समेत लगभग 90 कॉलेजों में लगभग 7 लाख से अधिक विद्यार्थियों के लिए परीक्षाएं कराई गई। इनमें 10000 से ज्यादा शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी से लगभग 15000 प्रश्न पत्र तैयार किए गए और उन्हें संचालित किया गया। कई केंद्रीय मूल्यांकन केंद्रों ने समय पर, पारदर्शी और त्रुटिहीन मूल्यांकन सुनिश्चित किया।

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डीयू प्रशासन का कहना है कि दिल्ली विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था ने बीते वर्ष एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। एक ही परीक्षा सत्र में 941 प्रश्नपत्रों का आयोजन और करीब 86 हजार विद्यार्थियों की भागीदारी की। दिल्ली विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. गुरप्रीत सिंह टुटेजा ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत लागू सेमेस्टर प्रणाली के बाद परीक्षाओं का दायरा लगातार बढ़ा है। इसके बावजूद एग्जामिनेशन ब्रांच ने सभी परीक्षाओं का सुचारु संचालन किया। परीक्षा प्रक्रिया में 10 हजार से अधिक शिक्षकों ने सक्रिय भूमिका निभाई। इन शिक्षकों द्वारा लगभग 15 हजार प्रश्नपत्र तैयार किए गए और उन्हें तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किया गया। साथ ही, केंद्रीय मूल्यांकन केंद्रों के माध्यम से उत्तर पुस्तिकाओं का समयबद्ध, पारदर्शी और निष्पक्ष मूल्यांकन सुनिश्चित किया गया। आंकड़ों पर नजर डालें तो नवंबर-दिसंबर 2025 सत्र में एक ही सत्र के दौरान आयोजित प्रश्नपत्रों की अधिकतम संख्या 941 तक पहुंच गई, जबकि इससे पहले नवंबर-दिसंबर 2024 में यह संख्या 228 थी। इसी तरह, एक सत्र में परीक्षा देने वाले छात्रों की संख्या भी एक वर्ष के भीतर 69 हजार 808 से बढ़कर करीब 86 हजार हो गई। यह बढ़ोतरी विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली पर बढ़ते दबाव और उसकी क्षमता दोनों को दर्शाती है। मई-जून 2025 और नवंबर-दिसंबर 2025 सत्र की तुलना करते हुए परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि हालिया सत्र में कई दिनों तक प्रतिदिन 800 से अधिक प्रश्नपत्र आयोजित किए गए। एक दिन में 941 प्रश्नपत्रों का आयोजन अपने आप में रिकॉर्ड रहा। इससे प्रश्नपत्रों की समय पर छपाई, वितरण, परीक्षा संचालन, मूल्यांकन और परिणाम तैयार करने जैसे सभी चरणों में बेहतर समन्वय की आवश्यकता पड़ी।