
डीयू ने सुधारी गलती, रिकार्ड 904 प्रश्नपत्रों की एक साथ कराई परीक्षा
- परीक्षा के लिए में कुल दो लाख 28 हजार से अधिक छात्र हुए
नई दिल्ली। अभिनव उपाध्याय दिल्ली विश्वविद्यालय में विगत शनिवार को डीयू के विभिन्न् परीक्षा केंद्रों पर हुई परीक्षा में अव्यवस्था से सबक लेते हुए बुधवार को रिकार्ड 904 प्रश्नपत्रों की परीक्षा शांतिपूर्वक कराई। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार सभी परीक्षाएं निर्धारित समय पर शुरू हुईं और किसी भी केंद्र से अव्यवस्था, तकनीकी बाधा या प्रशासनिक समस्या की कोई सूचना नहीं मिली। डीयू के परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर गुरप्रीत सिंह टुटेजा ने बताया कि बुधवार को आयोजित रिकार्ड 904 पेपरों के लिए विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों और परीक्षा केंद्रों पर व्यापक इंतजाम किए गए थे। परीक्षा संचालन के दौरान प्रश्नपत्र वितरण, उपस्थिति प्रक्रिया और मूल्यांकन संबंधी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से चलीं।
सुरक्षा और निगरानी के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड और पर्यवेक्षकों की तैनाती भी की गई थी। विश्वविद्यालय अधिकारियों ने बताया कि परीक्षाओं के दौरान कोई गंभीर शिकायत सामने नहीं आई। छात्रों ने भी परीक्षा व्यवस्था को संतोषजनक बताया और कहा कि केंद्रों पर प्रवेश से लेकर परीक्षा समाप्ति तक पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित रही। परीक्षा विभाग ने कुल दो लाख 28 हजार छात्रों के लिए संचालित की परीक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय में एनईपी और सीबीसीएस के तहत दिसंबर-जनवरी 2025-26 सत्र की नियमित, एसओएल और एनसीडब्ल्यूईबी की परीक्षाओं का संचालन हुआ। प्राप्त जानकारी के अनुसार परीक्षा विभाग ने कुल 2,28,781 छात्रों की परीक्षाओं का संचालन किया। सुबह 9:30 बजे की परीक्षा पाली में कुल 1,52,476 छात्रों की परीक्षा की व्यवस्था की जिसमें स्नातक स्तर के नियमित पाठ्यक्रमों के 1,08,122 छात्र, एसओएल के अंतर्गत स्नातक के 43,467 और स्नातकोत्तर के 887 छात्र के लिए परीक्षा आयोजित की गई। वहीं दोपहर 2:30 बजे की पाली में कुल 76,305 छात्रों के लिए परीक्षा आयोजित की गई जिनमें नियमित स्नातक के 53,244, एसओएल स्नातक के 21,946 और एसओएल स्नातकोत्तर के 1,115 छात्रों के लिए व्यवस्था की गई थी। इस तरह दोनों पालियों को मिलाकर कुल 1,61,366 स्नातक और 67,415 स्नातकोत्तर छात्रों के परीक्षा की व्यवस्था डीयू ने की थी। हालांकि यह जानकारी नहीं मिली कि इनमें से कितने छात्रों ने परीक्षा दी। प्रश्नपत्रों की संख्या की बात करें तो सुबह की पाली में कुल 795 प्रश्नपत्र तैयार किए गए, जिनमें 775 स्नातक और 20 स्नातकोत्तर स्तर के थे। दोपहर की पाली में 109 प्रश्नपत्र रहे, जिनमें 102 स्नातक और 7 स्नातकोत्तर के थे। कुल मिलाकर दोनों पालियों में 904 प्रश्नपत्रों का संचालन किया गया। वह पांच मुख्य सुधार जिससे जो डीयू के परीक्षा विभाग ने किया डीयू के मुख्य परीक्षा नियंत्रक प्रो. गुरप्रीत सिंह टुटेजा ने बताया कि परीक्षा प्रणाली में जिन दिक्कतों के कारण शनिवार को लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा उसमें सुधार किया गया है। हमने पांच प्रमुख कदम उठाए हैं जिसके कारण बुधवार को 904 प्रश्नपत्रों की परीक्षा में हमें कोई दिक्कत नहीं आई। पहला-- डीयू 60 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा करा रहा है। इसमें प्रश्नपत्र भेजने के लिए गाड़ियों की संख्या में वृद्धि की है ताकि समय से सब जगह गाड़ियां प्रश्नपत्रों को पहुंचा सकें। दूसरा--जिन परीक्षा केंद्रों पर हमें प्रश्नपत्र भेजना था उस पैकेट में समुचित और सही प्रश्नपत्र जा रहे हैं कि नहीं इसकी दो बार चेकिंग की गई। तीसरा--परीक्षा को स्टूडेंट्स फ्रेंडली बनाया गया। डिसिप्लीन स्पेसिफिक इलेक्टिव (डीएसई) के तीन प्रश्नपत्रों के लिए छात्रों को चार स्लॉट दिए गए हैं। वह अपनी सुविधा से परीक्षा दे सकता है। चौथा--परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले ही कॉलेजों से परीक्षा विभाग का समन्यव शुरू हो जाता है ताकि उनकी दिक्कतों का तुरंत समाधान किया ज सके। पांचवा--परीक्षा शाखा द्वारा टीमों की संख्या बढ़ाई गई है। नार्थ और साउथ कैंपस में अलग अलग टीमें बनी हैं जिससे जहां भी दिक्कत हो उसका तुरंत समाधान किया जा सके।

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