Hindi NewsNcr NewsDelhi NewsDelhi University Action Against Student Union s Deputy Secretary Deepika Jha Sparks Debate
कई शिक्षकों ने सजा को नाकाफी बताया

कई शिक्षकों ने सजा को नाकाफी बताया

संक्षेप: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ की संयुक्त सचिव दीपिका झा के खिलाफ कार्रवाई को कई शिक्षकों ने उचित बताया है, जबकि कुछ ने इसे नाकाफी कहा है। शिक्षकों का मानना है कि दीपिका का व्यवहार शिष्टाचार के खिलाफ है और कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। एनएसयूआई के अध्यक्ष ने भी यूनिवर्सिटी से बर्खास्तगी की मांग की है।

Mon, 17 Nov 2025 07:06 PMNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ की संयुक्त सचिव दीपिका झा पर कार्रवाई को कई शिक्षकों ने उचित बताया है। वहीं, कई शिक्षकों ने इस सजा को नाकाफी बताया है। शिक्षकों का कहना है कि छात्र संघ पदाधिकारी का इस तरह का व्यवहार विश्वविद्यालय के शिष्टाचार के विरुद्ध है। इस मामले में कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटना की पुर्नावृत्ति न हो। दूसरी ओर दीपिका पर कार्रवाई को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निलंबन अवधि पूरी होने पर उनके आचरण का समिति द्वारा पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद ही निलंबन वापस लिए जाने पर निर्णय होगा।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

यह आदेश सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति से तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। यूनिवर्सिटी से बर्खास्त करने की मांग एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी ने इस पर प्रतिक्रिया देने हुए कहा है कि, प्रोफेसर को थप्पड़ मारने पर कमेटी द्वारा सिर्फ दो महीने की सजा देना शर्मनाक है। डूसू पदाधिकारी दीपिका झा ने अपने पद का खुला दुरुपयोग किया है। उन्हें पद से हटाने के साथ-साथ यूनिवर्सिटी से बर्खास्त किया जाना चाहिए। डीयू की जिम्मेदारी है कि प्रोफेसर सुजीत कुमार के सम्मान को सुनिश्चित करे। एबीवीपी ने भी बनाई थी कमेटी, नहीं आई रिपोर्ट इस घटना के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भी एक कमेटी बनाई थी, लेकिन अब तक उसकी रिपोर्ट नहीं आई। दीपिका झा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की सदस्य हैं और उसी के बैनर तले छात्र संघ का चुनाव लड़ कर जीत दर्ज की थी।