
संपादित---जीएसटी पंजीकरण निरस्त कराने के लिए छह माह करना पड़ रहा इंतजार
- जीएसटी नंबर सरेंडर करने पर भी समय से फाइल बंद नहीं कर रहा विभाग
नई दिल्ली, वरिष्ठ संवाददाता। नई फर्म के लिए जीएसटी पंजीकरण लेना भले ही आसान हो गया है, लेकिन फर्म बंद करते समय इस पंजीकरण को सरेंडर करने में दिल्ली के व्यापारियों को पसीना बहाना पड़ रहा है। जीएसटी पंजीकरण सरेंडर करने के आवेदन के बाद छह-छह महीने तक उन्हें विभाग के कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। दिल्ली के व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी अधिकारियों का ध्यान नए पंजीकरण पर केंद्रित है। दिल्ली में तकरीबन आठ लाख से ज्यादा फर्म जीएसटी में पंजीकृत हो चुके हैं। नई फर्म को पंजीकृत करने पर जीएसटी विभाग के राजस्व में बढ़ोतरी होती है, लेकिन पंजीकरण निरस्त कराए जाने पर विभाग को कोई फायदा नहीं है।
इसकी वजह से पंजीकरण सरेंडर करने की फाइलों का निबटारा करना विभाग की प्राथमिकता में नहीं। ----- केस-1 चांदनी चौक के रेडिमेड गारमेंट के कारोबारी ने अपनी फर्म अप्रैल में बंद कर दी थी। इसके बाद उन्होंने जीएसटी रजिस्ट्रेशन को निरस्त कराने के लिए आवेदन किया, ताकि उन्हें आगे रिटर्न जमा करने जैसी औपचारिकता न करनी पड़े। व्यापारी ने बताया कि जब भी जीएसटी विभाग में जाकर शिकायत करते हैं तो वे फाइल में कुछ न कुछ कमी बता देते थे। उस कमी को पूरा करने पर नई अड़चन पैदा हो जाती। अब नवंबर में उनकी फाइल बंद हुई है। ---- केस-2 कश्मीरी गेट के व्यापारी ने बताया कि उन्होंने अपनी स्पेयर पार्ट्स की फर्म को बंद किया है। उसका जीएसटी पंजीकरण निरस्त कराने में उन्हें पांच महीने लग गए। बार-बार फॉलोअप करने के दौरान बताया गया कि जीएसटीआर-10 में कुछ त्रुटि रह जाने की वजह से फाइल का निस्तारण नहीं हुआ। इस काम के लिए भी सिंगल विंडो खोली जानी चाहिए। ------ जीएसटी आयुक्त बता चुके समस्या व्यापारिक संगठन सीटीआई (चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री) के चेयरमैन बृजेश गोयल का कहना है कि बंद की जाने वाली फर्मों का जीएसटी पंजीकरण सरेंडर करने में 6 से 8 महीने तक लग रहे हैं। इस बड़ी समस्या से जूझ रहे व्यापारियों ने इस मुद्दे को उठाया था। इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल जीएसटी आयुक्त नंदिनी पालीवाल से भी मिलकर शिकायत दे चुका है। ----- प्रक्रिया पूरी करनी पड़ रही चांदनी चौक के थोक कपड़ा कारोबारी व व्यापारिक संगठन डीएचएमए के महासचिव श्रीभगवान बंसल का कहना है कि जीएसटी पंजीकरण के कई मामलों में 8 से 10 महीने तक समय लगा है। समय पर फाइल बंद न होने पर व्यापारियों को मजबूरी में कारोबार न करने के बाद भी रिटर्न जमा करना पड़ रहा है। ----- किन स्थिति में किया जा सकता है आवेदन - व्यवसाय बंद होने पर - कारोबार का किसी अन्य फर्म में विलय होने पर - कारोबार में गिरावट आने पर अगर फर्म का सालाना टर्नओवर 20 लाख से कम है ---- इन बातों का रखें ध्यान सीजीएसटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जीएसटी पंजीकरण का आवेदन करने के दौरान कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए, ताकि फाइल में कोई आपत्ति न लगे और 30 दिन के भीतर पंजीकरण निरस्त हो सके। इस प्रक्रिया में जीएसटी पोर्टल पर आवेदन करना होगा। फर्म संचालक को पंजीकरण का कारण और अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता का विवरण सहित आवश्यक विवरण भरना चाहिए। ---- हो सकती है कार्रवाई सीजीएसटी के अधिकारी ने बताया कि जीएसटी पंजीकरण रद्द होने के बाद भी व्यवसाय चलता रहता है, तो इसे अपराध माना जाएगा और भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। मसलन किसी कारोबार का पंजीकरण रद्द होने के बाद 20 लाख रुपये की टर्नओवर सीमा पार हो जाती है, तो उसे कानूनी परेशानी से बचने के लिए तुरंत जीएसटी पंजीकरण के लिए पुनः आवेदन कर देना चाहिए।

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