सीसीटीवी कैमरों की बेहतर लोकेशन बताने के लिए होगा अध्ययन
-पहली बार विशेषज्ञ बताएंगे कि किन जगहों पर और किस दिशा में सीसीटीवी लगाने से होगा ज्यादा लाभ नई दिल्ली प्रमुख संवाददाता दिल्ली में विभिन्न एजेंसियों जैसे पीडब्ल्यूडी, दिल्ली पुलिस, एनडीएमसी आदि द्वारा...

दिल्ली में विभिन्न एजेंसियों जैसे पीडब्ल्यूडी, दिल्ली पुलिस, एनडीएमसी आदि द्वारा लाखों सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। कई जगहों पर तो आसपास ही बड़ी संख्या में कैमरे लगे हैं और उनकी दिशा भी ठीक नहीं है। ऐसे में पीडब्ल्यूडी द्वारा सीसीटीवी कैमरों का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए अच्छी लोकेशन का पता लगाया जाएगा। जहां कैमरे लगाने से अधिक क्षेत्र को कवरेज मिले। इसके लिए पीडब्ल्यूडी पूरी दिल्ली में लगे सीसीटीवी कैमरों का अध्ययन करवाने जा रही है।जानकारी के अनुसार राजधानी में किसी भी अन्य शहर के मुकाबले सबसे ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। लेकिन इन कैमरों को लगाते समय उनकी लोकेशन चिन्हित करने को लेकर किसी प्रकार का अध्ययन नहीं हुआ है।
पूर्व दिल्ली सरकार ने प्रत्येक विधानसभा के आधार पर सीसीटीवी कैमरे दिए थे। उन विधानसभाओं में विधायक एवं जनता द्वारा बताई गई जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे।इसी तरह एनडीएमसी और पुलिस द्वारा भी उन जगहों पर ही सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं जहां उन्हें अपराध की संभावना या अधिक भीड़भाड़ का अनुमान रहता है।पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बताया कि दिल्ली में सीसीटीवी कैमरों को व्यवस्थित तरीके से लगाने की आवश्यकता है। ताकि कम सीसीटीवी कैमरों की जद में अधिक क्षेत्र आ सके। इसलिए पीडब्ल्यूडी द्वारा पूरी दिल्ली में सीसीटीवी कैमरों को लेकर अध्ययन कराया जाएगा। इसके लिए जल्द ही विशेषज्ञ नियुक्त किया जाएगा। वह अध्ययन कर बताएंगे कि दिल्ली में किन जगहों पर कितने कैमरे और किस दिशा में कैमरे लगाने चाहिए। इसके अनुसार कैमरों की लोकेशन में बदलाव किया जाएगा।पुलिस को दिया जाएगा कंट्रोल रूमप्रवेश साहिब सिंह ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का सबसे ज्यादा इस्तेमाल दिल्ली पुलिस द्वारा अपराध सुलझाने के लिए किया जाता है। इसलिए पीडब्ल्यूडी प्रयास कर रही है कि कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस को सौंपी जाए। इससे पुलिस को पीडब्ल्यूडी से फुटेज नहीं मांगनी पड़ेगी और उनके इंजीनियरों को अदालत में गवाही के लिए चक्कर नहीं काटने होंगे।पहले चरण में लगे सीसीटीवी बदले जाएंगेसूत्रों ने बताया कि दिल्ली में पीडब्ल्यूडी द्वारा पहले फेज में लगाए गए सीसीटीवी कैमरे चीनी कंपनी के हैं। यह सिम पर चलते हैं। इनकी आयु खत्म हो चुकी है जिसके चलते कई कैमरे खराब हो गए हैं। सरकार द्वारा फिलहाल नये कैमरे लगाने की जगह खराब हो चुके कैमरों को बदलने का काम किया जाएगा। कई चरणों में यह 1.40 लाख कैमरे पूरी तरह से हटाने का काम किया जाएगा।2.7 लाख से अधिक कैमरे पीडब्ल्यूडी द्वारा दिल्ली में लगाए गए हैं10 हजार सीसीटीवी कैमरे सुरक्षित शहर परियोजना में पुलिस लगा रही है2 हजार से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे एनडीएमसी द्वारा लगाए गए हैं
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