दिल्ली में फ्लाईओवर-अंडरपास के पास तीन सौ पुलिस बूथ बनेंगे

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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दिल्ली में फ्लाईओवर, अंडरपास और एफओबी के समीप सुरक्षा बढ़ाने के लिए लोक निर्माण विभाग 300 पुलिस बूथ बनाएगा। यह कदम रात के समय सुरक्षा की चिंता को कम करेगा, खासकर महिलाओं के लिए। पीडब्ल्यूडी मंत्री ने बताया कि यह पहल पुलिस को बेहतर तैनाती और मदद के लिए स्थान प्रदान करेगी।

दिल्ली में फ्लाईओवर-अंडरपास के पास तीन सौ पुलिस बूथ बनेंगे

नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली में फ्लाईओवर, अंडरपास और एफओबी के समीप सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए लोक निर्माण विभाग पुलिस के साथ मिलकर 300 बूथ बनाने जा रहा है। पीडब्ल्यूडी अपने खर्च पर इन्हें तैयार करेगी और वहां पुलिसकर्मी की तैनाती वरिष्ठ पुलिस अधिकारी करेंगे। इस कदम से लोग अंडरपास और एफओबी का इस्तेमाल बिना किसी डर के रात के समय भी कर सकेंगे। कई बार लोग रात के समय सुरक्षा का अभाव होने के चलते इनका इस्तेमाल करने से कतराते हैं। बता दें कि दिल्ली में 100 से ज्यादा फ्लाईओवर हैं, जिनके नीचे खाली जगह है। इसी तरह पीडब्ल्यूडी के अंडरपास और एफओबी के समीप भी जगह खाली है।

इनमें से कुछ स्थानों पर सुरक्षाकर्मी भी तैनात रहते हैं। इसके बावजूद लोग इनका इस्तेमाल करने से बचते हैं। खासतौर पर इन स्थानों में महिला सुरक्षा एक चिंता का विषय रहती है। लेकिन पीडब्ल्यूडी और दिल्ली पुलिस मिलकर इन स्थानों को लोगों के लिए सुरक्षित बनाने जा रहे हैं।पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि उन्होंने दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा से इस विषय को लेकर बात की है। उन्होंने कहा है कि पीडब्ल्यूडी ऐसे 300 स्थानों पर पुलिस बूथ बनाकर देगी जिसमें पुलिसकर्मी बैठ सकें। ऐसे बूथ न केवल फ्लाईओवर के नीचे बल्कि अंडरपास में और एफओबी के समीप मौजूद जगह पर बनाकर दिए जाएंगे। इसमें आने वाली लागत का पूरा खर्च पीडब्ल्यूडी उठाएगा। वहीं उस जगह पर पुलिसकर्मी की तैनाती करने एवं सुरक्षा की जिम्मेदारी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा की जाएगी। इन बूथों के बनने से पुलिस को बैठने का स्थान मिलेगा और वहां अपराध में भी कमी आएगी। इसके अलावा किसी को मदद की आवश्यकता होगी तो तुरंत उसके पास पुलिस पहुंच जाएगी।दुकानें खोलने पर भी चल रहा विचारप्रवेश वर्मा ने बताया कि अंडरपास के बेहतर इस्तेमाल के लिए उसमें छोटी-छोटी दुकानें खोलने पर भी विचार चल रहा है। इससे एक तरफ जहां अंडरपास में चहल पहल बनी रहेगी तो वहीं दूसरी तरफ लोगों को रोजगार भी उपलब्ध होगा। इसके साथ ही लोगों की मौजूदगी बढ़ने से वहां अपराध की आशंका भी कम हो जाएगी।

Amit Jha

लेखक के बारे में

Amit Jha

बॉयो: दिल्ली में वर्ष 2006 से पत्रकारिता कर रहा हूं। अपनी शुरुआत विराट वैभर अखबार से की। वर्ष 2007 में राष्ट्रीय सहारा में बतौर संवाददाता कार्य किया। जुलाई 2008 से लेकर फरवरी 2018 तक हिन्दुस्तान में संवाददाता से प्रमुख संवाददाता तक का सफर किया। ईटीवी भारत के डिजीटल प्लेटफॉर्म के लिए फरवरी 2018 से जुलाई 2022 तक कार्य किया। इसके बाद से हिन्दुस्तान दिल्ली में बतौर प्रमुख संवाददाता कार्यरत। पत्रकारिता में 16 साल तक दिल्ली में हुए अपराध एवं ट्रैफिक से जुड़ी खबरों को कवर किया। जबकि बीते तीन वर्षों से अधिक समय से दिल्ली में रेलवे, एयरपोर्ट और दिल्ली सरकार से जुड़ी खबरें कर रहा हूं। इस दौरान लाइफ ओके पर आयोजित होने वाले सावधान इंडिया कार्यक्रम में बतौर विशेषज्ञ हिस्सा लिया। वहीं वर्ष 2022 में नेटफ्लिक्स पर बनी डॉक्यूमेंट्री द बूचर ऑफ दिल्ली में बतौर विशेषज्ञ हिस्सा लिया।


शिक्षा
एम.ए (मॉस कम्युनिकेशन)


रुचियां
घूमना, नए कांटेक्ट बनाना


पिछला अनुभव
16 वर्षों तक दिल्ली में अपराध से संबंधित खबरें की


वर्तमान भूमिका
प्रमुख संवाददाता के रूप में दिल्ली सरकार बीट कवर करना


मीडिया कवरेज
अपराध, ट्रैफिक, एयरपोर्ट, मेट्रो, रेलवे एवं सरकार पर खबरें लिखी


कुल अनुभव के वर्ष
19


एचटी में अनुभव के वर्ष
13


यह विशेष क्यों पसंद है
अपराध समाज को सीधे प्रभावित करता है। यह समाज के दूसरे पक्ष से अवगत कराता है।


प्रकाशन
राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्तान


विशिष्ट विशेषज्ञता
दिल्ली सरकार, पुलिस (अपराध एवं ट्रैफिक), रेलवे

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