
शिक्षक गणना नहीं करेंगे, जानवरों से बचाव के तरीके बताएंगे
नई दिल्ली में स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों और कर्मचारियों को जानवरों से बचाव के तरीकों पर जागरूक किया जाएगा। फर्स्ट-एड सत्र आयोजित होंगे और नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। आवारा कुत्तों के प्रवेश को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे। स्टेडियम और शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा बढ़ाई जाएगी।
नई दिल्ली, वरिष्ठ संवददाता। राजधानी के स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों व कार्यरत कर्मचारियों को जानवरों से बचाव के तरीकों को लेकर जागरूक किया जाएगा। इसमें जानवरों के काटने पर फर्स्ट-एड के तरीके और तुरंत रिपोर्ट करने के तरीकों को लेकर सत्र आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, उनके व्यवहार के बारे में भी सूचित किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक स्कूल एवं शिक्षण संस्थान में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। जानवरों से संबंधित समस्या का समाधान नोडल अधिकारी द्वारा ही किया जाएगा। शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों में तैनात सुरक्षाकर्मियों और गेट कीपर को आवारा कुत्तों के प्रवेश को रोकने के निर्देश दिए हैं।
निदेशालय ने संबंधित अधिकारियों को स्कूल, दफ्तर और स्टेडियम की सीमा में आवारा कुत्तों के प्रवेश रोकने के लिए सुरक्षा इंतजाम करने को कहा है। इसके लिए प्रत्येक संस्थान में एक नोडल अधिकारी बनाया है। उसकी जानकारी, जिसमें नाम, पद, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी संस्थान के मुख्य द्वार पर प्रदर्शित करनी होगी। सुरक्षा के उपाय के तहत आवारा कुत्तों के आने या रहने की जगह को रोकने के लिए बाउंड्री वॉल, गेट और फेंसिंग को भी मजबूत करने के लिए कहा गया है। स्टेडियम व स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 24 घंटे सुरक्षा के लिए सुरक्षाकर्मियों की तैनाती करने के निर्देश दिए गए हैं। नोडल अधिकारी अगर अपने स्कूल, शिक्षण संस्थान या स्टेडियम के आसपास लावारिस कुत्तों का कोई झुंड देखेंगे तो स्थानीय निकाय को तुरंत सुधार के लिए बताना होगा। दिल्ली सरकार ने साफ किया है कि शिक्षकों को कुत्तों की गिनती या पहचान करने से संबंधित कोई निर्देश जारी नहीं किए गए हैं।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




