
पचास दिन से दिल्लीवालों को साफ हवा नसीब नहीं
नई दिल्ली में लोग पिछले 50 दिनों से प्रदूषित हवा में सांस लेने के लिए मजबूर हैं। 14 अक्टूबर के बाद से हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में रही है। सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 327 पर है, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। अगले कुछ दिनों में सुधार की उम्मीद नहीं है।
नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। प्रदूषित हवा में एक दिन भी सांस लेना सेहत के लिए काफी हानिकारक है। इससे बीमारियां होने लगती हैं। बावजूद इसके दिल्लीवालों को जहरीली हवा के बीच गुजर-बसर करना पड़ रहा है। राजधानी के लोग बीते 50 दिनों से लगातार प्रदूषण के जहर से भरी हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। 14 अक्तूबर के बाद से एक बार जो दिल्ली की हवा खराब श्रेणी में पहुंची है, तो इस बीच एक दिन भी ऐसा नहीं रहा जब लोगों को साफ हवा नसीब हुई हो। सीपीसीबी के आंकड़े बताते हैं कि इस दौरान 34 दिन हवा बहुत खराब श्रेणी में रही।

दिल्ली में इस बार मानसून सामान्य से ज्यादा अच्छा रहा था। मानसून से पहले पश्चिमी विक्षोभ के चलते मई के महीने में भी अच्छी बारिश हुई थी। इसके चलते मई, जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर में वायु गुणवत्ता का स्तर भी साफ-सुथरा रहा। मानसून की वापसी के बाद अक्तूबर महीने की शुरुआत से ही प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा और 14 अक्तूबर को वायु गुणवत्ता का स्तर 200 के पार यानी खराब श्रेणी में पहुंच गया। इसके बाद से ही लगातार दिल्ली की हवा में प्रदूषित बनी हुई है। सीपीसीबी के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 327 के अंक पर रहा। इस स्तर की हवा को बहुत खराब श्रेणी में रखा जाता है। एक दिन पहले गुरुवार को यह सूचकांक 304 के अंक पर रहा था। यानी चौबीस घंटे में सूचकांक में 23 अंकों की बढ़ोतरी हुई है। शुक्रवार का दिन लगातार 51वां दिन है जब दिल्ली के लोग खराब हवा में सांस ले रहे हैं। जबकि, अगर सालभर के आंकड़े को देखें तो वर्ष 2025 में अभी तक दिल्ली के लोग 139 दिन प्रदूषित हवा में सांस ले चुके हैं। मानकों से पौने तीन गुना ज्यादा प्रदूषण दिल्ली की हवा में मानकों से पौने तीन गुना ज्यादा प्रदूषक कण मौजूद हैं। हवा में प्रदूषक कण पीएम 10 का स्तर 100 से और पीएम 2.5 का स्तर 60 से कम होने पर ही उसे स्वास्थ्यकारी माना जाता है। शुक्रवार को दिन के तीन बजे दिल्ली-एनसीआर की हवा में पीएम 10 का औसत स्तर 277 और पीएम 2.5 का औसत स्तर 156 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पर रहा। यानी दिल्ली की हवा में मानकों से पौने तीन गुना ज्यादा प्रदूषक बने हुए हैं। अगले कुछ दिनों तक राहत के आसार नहीं दिल्ली के लोगों को अभी प्रदूषित हवा से राहत मिलने के आसार नहीं है। वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली का अनुमान है कि अगले तीन-चार दिनों के दौरान हवा की गति आमतौर पर 10 किलोमीटर से नीचे ही रहेगी। इसके चलते प्रदूषक कणों का विसर्जन भी धीमा होगा। प्रदूषक कणों के वायुमंडल में बने रहने के चलते हवा भी बहुत खराब श्रेणी में रहने का अनुमान है। बीते 51 दिनों में हवा की गुणवत्ता 03 दिन---गंभीर श्रेणी 34 दिन--- बहुत खराब श्रेणी 14 दिन--- खराब श्रेणी यहां की हवा सबसे खराब वजीरपुर---362 विवेक विहार---365 रोहिणी---373 आरके पुरम---367 नेहरू नगर---363 मुंडका---358 जहांगीरपुरी---361 डीटीयू---356 बवाना---380 आनंद विहार---355

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