
हवा की रफ्तार घटने से फिर बढ़ने लगा प्रदूषण
दिल्ली में हवा की गति कम होने के साथ ही प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़ने लगा है। रविवार को औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 307 के अंक पर पहुंच गया, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है। पिछले दो दिनों में हल्का सुधार देखने को मिला था, लेकिन अब प्रदूषण में तेजी से वृद्धि हो रही है।
नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। हवा की गति कम होने के साथ ही दिल्ली में फिर से प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है। राजधानी की हवा रविवार को फिर से बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गई। पिछले दो दिनों के दौरान मौसम के कारकों के चलते प्रदूषण के स्तर में हल्की कमी आई थी। वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली का अनुमान है कि अगले दो दिनों के बीच दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक बहुत खराब श्रेणी में ही रहेगा। राजधानी दिल्ली में इस बार मानसून का सीजन सामान्य से काफी अच्छा रहा था। जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर के महीने में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई थी।
इसके चलते उम्मीद बंधी थी कि जाड़े के मौसम में लोगों को प्रदूषण से भी राहत मिलेगी। हालांकि, मानसून की वापसी के साथ ही अक्तूबर में प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा और 14 अक्तूबर के बाद वायु गुणवत्ता का स्तर खराब श्रेणी में पहुंच गया। इसके बाद से एक दिन भी ऐसा नहीं रहा है जब वायु गुणवत्ता साफ-सुथरी रही हो। इस दौरान ज्यादातर समय में वायु गुणवत्ता का स्तर खराब, बहुत खराब, गंभीर या फिर अति गंभीर श्रेणी में रहा। पिछले दो दिन वायु गुणवत्ता के स्तर में हल्का सुधार देखने को मिला था। हालांकि, हवा खराब श्रेणी में ही रही थी। अब फिर से प्रदूषण के स्तर में तेजी से बढ़ोतरी का रुख देखने को मिल रहा है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक रविवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 307 के अंक पर रहा। इस स्तर की हवा को बहुत खराब श्रेणी में रखा जाता है। एक दिन पहले शनिवार को यह सूचकांक 267 के अंक पर रहा था। यानी 24 घंटे के भीतर ही सूचकांक में 40 अंकों की बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली के ज्यादातर इलाकों का सूचकांक 300 से ऊपर पहुंचा हुआ है। सामान्य से दोगुना ज्यादा प्रदूषण मानकों के मुताबिक हवा में प्रदूषक कण पीएम 10 का स्तर 100 से और पीएम 2.5 का स्तर 60 से कम होने पर ही उसे स्वास्थ्यकारी माना जाता है। रविवार को दिन में दो बजे के करीब दिल्ली-एनसीआर की हवा में पीएम 10 का औसत स्तर 222.8 और पीएम 2.5 का औसत स्तर 135.1 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पर रहा। यानी दिल्ली-एनसीआर की हवा में मानकों से लगभग सवा दो गुना ज्यादा प्रदूषक कण मौजूद हैं। अभी राहत के आसार नहीं दिल्ली की हवा में घुले-मिले प्रदूषण के अभी पूरी तरह से साफ होने की संभावना कम है। दरअसल, दिल्ली की हवा में इस समय प्रदूषण का जो स्तर बना हुआ है वह अच्छी बारिश या लगातार चलने वाली तेज हवा जैसे मौसमी कारकों से ही पूरी तरह से साफ हो सकती है। अगले दो दिनों के बीच ऐसे मौसमी कारकों की संभावना नहीं है। ज्यादातर समय में हवा की गति दस किलोमीटर प्रति घंटे से कम ही रहेगी। इसके चलते प्रदूषक कणों का विसर्जन भी धीमा होगा और हवा बहुत खराब श्रेणी में ही बनी रहेगी। बीते दस दिन का वायु गुणत्ता सूचकांकः 01 जनवरी---380 02 जनवरी---236 03 जनवरी---267 04 जनवरी---307 यहां की हवा सबसे खराबः शादीपुर---380 रोहिणी---361 वजीरपुर---348 विवेक विहार---342 नेहरू नगर---345 नरेला---338 जहांगीरपुरी---365 आनंद विहार---356 अशोक विहार---338 डीटीयू---339

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