
निवेश के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश
चार जालसाजों की गिरफ्तारी के बाद अब तक 10 अलग-अलग मामले उजागर हुए, 5.92 करोड़ रुपये की फर्जी निवेश योजना का खुलासा
नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पैन इंडिया स्तर पर संचालित 5.92 करोड़ रुपये की फर्जीवाड़ा निवेश योजना का खुलासा किया है। इस संबंध में पुलिस ने चार जालसाजों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद अब तक 10 अलग-अलग मामले उजागर हुए हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी साइबर फर्जीवाड़ा के लिए कई खच्चर बैंक खातों (म्यूल अकाउंट) का इस्तेमाल करते थे। टीम गिरोह के पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों में उत्तराखंड के हल्द्वानी निवासी अनस अंसारी, मोहम्मद कैफ़, अकीब और मोहम्मद दानिश शामिल हैं। ये चारों बैंक खाते मुहैया कराते थे और लेन-देन के बदले कमीशन लेते थे।
क्राइम ब्रांच ने बताया कि यह गिरोह बहु-स्तरीय है, जिसमें एक स्तर पर सोशल मीडिया पर निवेश सलाहकार बनकर लोगों को फर्जी निवेश कराने वाले हैं, दूसरे स्तर पर बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले, और तीसरे स्तर पर नकद संग्रहकर्ता, समन्वयक और क्षेत्रीय संचालक कार्यरत हैं। जांच में पता चला कि फेसबुक पर एक महिला ने खुद को मुंबई स्थित सीबीसीएक्स ग्लोबल ट्रेडर्स नामक एनबीएफसी से संबद्ध बताया और शिकायतकर्ता से दो महीनों में फर्जी ट्रेडिंग खातों के माध्यम से मोटे मुनाफे के वादे के तहत निवेश कराया। वित्तीय जांच से पता चला कि गिरफ्तार आरोपियों द्वारा खच्चर खातों, शेल कंपनियों और तेजी से नकदी निकासी के संगठित नेटवर्क का संचालन किया गया। ठगी की राशि प्रारंभ में 33 अलग-अलग बैंक खातों में वितरित की गई और फिर कई स्तर पर स्थानांतरित की गई। क्राइम ब्रांच ने इस गिरोह के खिलाफ धारा 318(4)/319(2)/3(5)/61(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब नेटवर्क के अन्य हिस्सों और अन्य आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास में है, ताकि पूरे गिरोह को पकड़कर ठगी की राशि की वसूली की जा सके।

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