पहले पेज के लिए<bha>--</bha>दिल्ली व मुंबई सहित कई शहरों को दहलाने की साजिश रचने वाले आईएसआई और मुंबई अंडरवर्ल्ड नेटवर्क से
--- संदिग्धों को दिल्ली के बेहद संवेदनशील सुरक्षा प्रतिष्ठानों, सुरक्षाकर्मियों और प्रमुख धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने का काम सौंपा गया था--- ये उत्तर प्रदेश,झारखंड,महाराष्ट्र,पंजाब और नेपाल के...

--- संदिग्धों को दिल्ली के बेहद संवेदनशील सुरक्षा प्रतिष्ठानों, सुरक्षाकर्मियों और प्रमुख धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने का काम सौंपा गया था --- ये उत्तर प्रदेश,झारखंड,महाराष्ट्र,पंजाब और नेपाल के रहने वाले हैं,चार हैंड ग्रेनेड, दो ग्लॉक पिस्तॉल और 24 जिंदा कारतूस
नई दिल्ली प्रमुख संवाददाता
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मुंबई अंडरवर्ल्ड और शहजाद भट्टी के एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को ध्वस्त किया है जो दिल्ली, मुंबई सहित देश के कई शहरों को दहलाने की एक बड़ी आतंकी साजिश रच रहा था। यह मॉड्यूल दिल्ली और मुंबई में महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, सुरक्षा प्रतिष्ठानों और पुलिस कर्मियों पर हमलों की साजिश में शामिल था। इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और इनके खिलाफ बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) और यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) की प्रासंगिक धाराओं के तहत प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई है। गिरफ्तार आठों संदिग्धों की उम्र 23 से 66 वर्ष के बीच है। ये उत्तर प्रदेश, झारखंड, महाराष्ट्र, पंजाब और पड़ोसी देश नेपाल के रहने वाले हैं। सुरक्षा एजेंसियां अब इनसे पूछताछ कर इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य साथियों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की जानकारी
गिरफ्तार आरोपियों में विजय उर्फ शूटर,नीतीश पासवान,तौकीर रिजवान अहमद शेख, साजिद महबूब शेख उर्फ अरबाज खान,
हरविंदर सिंह, गगनदीप सिंह, मनजीत सिंह और लामा आंग कामी (नेपाली मूल का) शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से खतरनाक हथियारों का जखीरा बरामद किया है। चार हैंड ग्रेनेड, दो ग्लॉक पिस्तौल और 24 जिंदा कारतूस शामिल हैं। इसके अलावा चोरी के दो दुपहिया वाहन और कई मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। मोबाइल फोन की जांच से देश-विरोधी साजिशों और संदिग्ध चैट के प्रमाण मिले हैं। पुलिस के हत्थे चढ़े गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों से गिरोह के संचाचन से जुड़े थे। पकड़े गए कुछ लोग सीमा पार बैठे आकाओं के सीधे संपर्क में थे और उन्हें महत्वपूर्ण ठिकानों की रेकी करने के निर्देश मिले थे इन्होंने कई ठिकानों की रेकी कर भी ली थी। जबकि नेटवर्क के लिए पैसों का इंतजाम करने और छिपने के ठिकानों की व्यवस्था करने के लिए विदेशी नागरिकों की मदद ली जा रही थी।
आतंकवादी मॉड्यूल के संचालन की प्रक्रिया
अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई थी:-
स्पेशल सीपी अनिल शुक्ला के मुताबिक पकड़े गए संदिग्धों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। कुछ आरोपियों को हमलों को अंजाम देने की जिम्मेदारी दी गई थी, जबकि कुछ को हथियार और विस्फोटक पहुंचाने की, वहीं अन्य को स्थानीय स्तर पर ठिकाने, संसाधन और लॉजिस्टिक सपोर्ट उपलब्ध कराने का काम दिया गया था। जांच में यह भी सामने आया है कि मॉड्यूल से जुड़े कुछ लोगों को दिल्ली-एनसीआर सहित विभिन्न राज्यों में युवाओं की पहचान कर उन्हें नेटवर्क से जोडऩे और भविष्य की गतिविधियों के लिए तैयार करने के भी निर्देश दिए गए थे। इससे साफ है कि यह केवल एक बार की साजिश नहीं, बल्कि लंबे समय तक सक्रिय रहने वाला संगठित नेटवर्क था।
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